भारतीय फुटबॉल खिलाड़ियों को कतर में ‘कूलिंग’ तकनीक से राहत मिलने की उम्मीद

भारतीय फुटबॉल खिलाड़ियों को कतर में ‘कूलिंग’ तकनीक से राहत मिलने की उम्मीद

भारतीय फुटबॉल खिलाड़ियों को कतर में ‘कूलिंग’ तकनीक से राहत मिलने की उम्मीद
Modified Date: November 29, 2022 / 08:19 pm IST
Published Date: May 30, 2021 9:19 am IST

नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) भारतीय फुटबॉल टीम के मध्यपंक्ति के खिलाड़ियों रॉलिन बोर्गेस और ब्रैंडन फर्नांडीस को उम्मीद है कि दोहा में खेले जाने वाले आगामी विश्व कप 2022 एवं एशियाई कप 2023 क्वालीफायर मैचों के दौरान भीषण गर्मी के मौसम में कतर की स्टेडियम ‘कूलिंग’ तकनीक (स्टेडियम को वातानुकूलित रखने वाली तकनीक) से टीम को काफी मदद मिलेगी।

भारतीय टीम फीफा विश्व कप की दौड़ से बाहर हो गयी है लेकिन चीन में खेले जाने वाले एएफसी एशियाई कप के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ में बनी हुई है।

भारत को दोहा का जस्सीम बिन हमद स्टेडियम में कतर के खिलाफ तीन जून को पहला मुकाबला खेलना है। इसके बाद सात जून को बांग्लादेश और 15 जून का अफगानिस्तान से भिड़ना है।

बोर्गेस ने कहा, ‘‘स्टेडियम में कूलिंग तकनीक अद्भुत है। आप जानते हैं कि कतर में बहुत गर्मी है, लेकिन आपको स्टेडियम में शीतलता का अहसास होगा। यह आपको तरोताजा रखता है। ’’

बोर्गेस उस टीम का हिस्सा थे जिसने विश्व कप क्वालीफायर्स में 2019 में कतर को गोलरहित बराबरी पर रोका था।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने पहली बार किसी स्टेडियम में ऐसा कुछ देखा था। यहां तक कि 85वें मिनट में भी हवा चलने के कारण आप तरोताजा रहेंगे। आपको लगता है कि आप दौड़ते रह सकते हैं।’’

उस मैच में उनके मिडफील्डर साथी ब्रैंडन फर्नांडिज बदलाव के रूप में मैदान पर उतरे थे। एफसी गोवा का यह खिलाड़ी भी वातानुकूलित स्टेडियम से प्रभावित दिखा।

फर्नांडिज ने कहा, ‘‘पिछली बार जब हम कतर में थे, तो स्टेडियम बहुत अच्छा था। कोई नमी नहीं थी। यह बहुत अच्छी तरह से वातानुकूलित था। वहां फुटबॉल खेलने के लिए अद्भुत परिस्थितियां थीं। वास्तव में कतर के पास फ़ुटबॉल का शानदार बुनियादी ढांचा और विश्व स्तरीय सुविधाएं हैं। अल साद के घरेलू मैदान पर खेलना एक शानदार अहसास होगा। वहां खेलने से अच्छे अनुभव की उम्मीद है।’’

भाषा आनन्द नमिता

नमिता

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