भारतीय महिला हॉकी के लिये आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला ‘क्वार्टर फाइनल’ की तरह

भारतीय महिला हॉकी के लिये आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला ‘क्वार्टर फाइनल’ की तरह

भारतीय महिला हॉकी के लिये आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला ‘क्वार्टर फाइनल’ की तरह
Modified Date: August 22, 2026 / 12:58 pm IST
Published Date: August 22, 2026 12:58 pm IST

(मोना पार्थसारथी)

एम्सटेलवीन, 22 अगस्त (भाषा ) ओलंपिक और विश्व चैम्पियन नीदरलैंड से पिछले मैच में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद पराजय का सामना करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम को अब सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिये रविवार को पिछले विश्व कप की कांस्य पदक विजेता आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले को ‘क्वार्टर फाइनल’ की तरह खेलना होगा ।

दूसरे दौर के पहले मुकाबले में भारत को दुनिया की नंबर एक टीम नीदरलैंड ने शुक्रवार को 2-0 से हराया जो इस विश्व कप में उसकी पहली हार थी । डिफेंस और खासकर गोलकीपरों ने शानदार प्रदर्शन किया वरना सह मेजबान टीम की जीत का अंतर और अधिक हो सकता था ।

नये प्रारूप के तहत भारत को ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन से नहीं खेलना है क्योंकि पहले दौर में दोनों के बीच मुकाबला हो चुका है और उसके ड्रॉ रहने से भारत के पास एक अंक है । नीदरलैंड भी पूल ए में आस्ट्रेलिया को हराने से तीन अंक लेकर दूसरे दौर में पहुंचा है यानी उसके पास अब दो मैचों के छह अंक है । चीन और आस्ट्रेलिया का मैच ड्रॉ रहा है जिससे चीन के दो और आस्ट्रेलिया का एक अंक है ।

नीदरलैंड अगर चीन को हरा देता है या ड्रॉ खेलता है तो आस्ट्रेलिया को हराने पर भारत सेमीफाइनल में पहुंच जायेगा । वहीं चीन के हारने और भारत और आस्ट्रेलिया का मैच ड्रॉ रहने पर गोल औसत के आधार पर फैसला होगा । चीन ने अब तक तीन गोल गंवाये और तीन किये हैं जिससे गोल औसत शून्य है जबकि भारत ने दो गोल किये और चार गंवाये हैं जिससे औसत माइनस दो है और आस्ट्रेलिया ने तीन गोल किये जबकि पांच गंवाये है जिससे उसका भी औसत माइनस दो है । ऐसे में भारत को चीन के बड़े अंतर से हारने की भी दुआ करनी होगी।

जून में न्यूजीलैंड में एफआईएच नेशंस कप जीतने से पहले आस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली भारतीय टीम ने दो बार की विश्व कप चैम्पियन टीम के खिलाफ चार करीबी मैच खेले जिनमें से दो गंवाये, एक जीता और एक ड्रॉ रहा था ।

आस्ट्रेलिया का प्रदर्शन ग्राफ पिछले सत्र में बहुत अच्छा नहीं रहा है और 2025 -26 प्रो लीग में टीम आठवें स्थान पर रही । चिली के सैंटियागो में विश्व कप क्वालीफायर में भी वह मेजबान टीम के बाद दूसरे स्थान पर रही थी लिहाजा भारतीय टीम के पास उसे हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने का यह सुनहरा मौका है ।

विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत ने अब तक अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया है । इंग्लैंड के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ रहे आखिरी पूल मैच में गोलकीपर बिछू देवी और सविता के साथ डिफेंस ने बारह पेनल्टी कॉर्नर बचाये । इसके बाद दुनिया की सर्वश्रेष्ठ ड्रैग फ्लिकर मानी जाने वाली नीदरलैंड की यिब्बी यानसेन को भी एक ही गोल पर रोक दिया ।

नीदरलैंड ने भारतीय गोल पर लगातार हमले बोले लेकिन एक भी फील्ड गोल नहीं कर सके । फर्स्ट रशर सलीमा टेटे ने भी जबर्दस्त चुस्ती का प्रदर्शन करते हुए कम से कम दो गोल बचाये ।

भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने मैच के बाद टीम के प्रदर्शन की तारीफ की लेकिन कहा कि लगातार दो दिन भारी दबाव वाले मैच खेलने का असर टीम पर पड़ा ।

मारिन ने कहा ,‘‘हमने लगातार दो दिन दो बड़े मैच खेले । मैं यह नहीं कह रहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो हम जीत जाते लेकिन आखिर में खिलाड़ियों से तकनीकी गलतियां हुई ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ टीम ने अच्छी इच्छाशक्ति दिखाई लेकिन मौकों को भुनाना चाहिये था । ऐसी टीमों के खिलाफ ज्यादा मौके नहीं मिलते । अब आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच को मैं क्वार्टर फाइनल की तरह समझता हूं जिसमें जीतने पर हम सेमीफाइनल में पहुंच जायेंगे ।’’

भारत की 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप है जिसे देखते हुए अब तक के प्रदर्शन को साहसिक कहा जा सकता है । पहले ही मैच में चीन जैसी दिग्गज टीम को ड्रॉ पर रोककर ही इस टीम ने संकेत दे दिये थे कि वह टूर्नामेंट में सिर्फ भागीदारी के लिये नहीं आई है । इसके बाद दक्षिण अफ्रीका पर 6-1 से जीत दर्ज की और इंग्लैंड को आखिरी मैच में गोलरहित ड्रॉ पर रोककर दूसरे दौर में जगह बनाई ।

इस टूर्नामेंट की सबसे अनुभवी खिलाड़ी 317 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी सविता और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरीी 30 सेकंड में गोल बचाने वाली बिछू के साथ डिफेंस ने तो अच्छा प्रदर्शन किया ही है, नवनीत कौर की अगुवाई में फॉरवर्ड पंक्ति ने भी कई मौके बनाये । भारत के पास दीपिका जैसी ड्रैग फ्लिकर हैं जो एफआईएच नेशंस कप में छह गोल कर चुकी हैं ।

भारत को और पेनल्टी कॉर्नर बनाने और तब्दील करने पर फोकस करना होगा । सुनेलिटा टोप्पो, बलजीत कौर, साक्षी, लालरेम्सियामी , नेहा सभी ने दबाव लिये बिना अच्छा प्रदर्शन किया है और आस्ट्रेलिया से खिलाफ कोच मारिन को उनसे एक कदम आगे जाने की उम्मीद होगी ।

भाषा मोना

पंत

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