ईरान फुटबॉल टीम ने ट्रंप पर पलटवार करते हुए कहा, विश्व कप में भाग लेने से ‘कोई नहीं रोक सकता’

ईरान फुटबॉल टीम ने ट्रंप पर पलटवार करते हुए कहा, विश्व कप में भाग लेने से ‘कोई नहीं रोक सकता’

ईरान फुटबॉल टीम ने ट्रंप पर पलटवार करते हुए कहा, विश्व कप में भाग लेने से ‘कोई नहीं रोक सकता’
Modified Date: March 13, 2026 / 06:14 pm IST
Published Date: March 13, 2026 6:14 pm IST

जेनेवा, 13 मार्च (एपी) ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा है कि उसे पुरुषों के फीफा विश्व कप से ‘‘कोई भी बाहर नहीं कर सकता।’’

टीम ने बृहस्पतिवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट में तंज करते हुए यह भी कहा कि अगर सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती, तो शायद अमेरिका की टीम को ही टूर्नामेंट से बाहर कर देना चाहिए।

यह प्रतिक्रिया ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद आई, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि सह-मेजबान अमेरिका ईरान के खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता।

ट्रंप ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मौजूदा युद्ध के बावजूद ईरान की टीम का विश्व कप में स्वागत है, लेकिन ‘मुझे सच में नहीं लगता कि उनकी जान और सुरक्षा के लिहाज से उनका वहां होना उचित है।’

ईरान को ग्रुप चरण के अपने तीनों मुकाबले अमेरिका में खेलने हैं। फीफा विश्व कप की मेजबानी अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा संयुक्त रूप से कर रहे हैं।

इस युद्ध के कारण ईरान की विश्व कप में भागीदारी पर सवाल उठने लगे हैं। देश के खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली ने इस सप्ताह सरकारी टीवी से कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में खेलना संभव नहीं लग रहा।

इंस्टाग्राम पर ईरान की टीम की प्रतिक्रिया से स्पष्ट हुआ कि वे टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के इच्छुक है। पोस्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया कि टूर्नामेंट का संचालन फीफा करता है, न कि ट्रंप या अमेरिका।

पोस्ट में कहा गया, ‘‘विश्व कप एक ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है और इसका संचालन किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि फीफा के द्वारा होता है। निश्चित रूप से कोई भी ईरान की राष्ट्रीय टीम को विश्व कप से बाहर नहीं कर सकता। बाहर वही देश हो सकता है जो केवल मेजबान का दर्जा रखता हो लेकिन इस वैश्विक आयोजन में भाग लेने वाली टीमों को सुरक्षा देने की क्षमता नहीं रखता हो।’’

टूर्नामेंट कार्यक्रम के अनुसार ईरान को 15 जून को कैलिफोर्निया में न्यूजीलैंड के खिलाफ और 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ खेलना है। इसके बाद 26 जून को सिएटल में ग्रुप चरण का अंतिम मैच मिस्र से होगा।

इस मुद्दे पर ट्रंप के बयान भी अलग-अलग रहे हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने कहा था, “मुझे सच में फर्क नहीं पड़ता” कि ईरान खेले या नहीं। लेकिन मंगलवार को व्हाइट हाउस में जियानी इंफैनटिनो से मुलाकात के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि ईरान की टीम का स्वागत है।

ईरान एशियाई फुटबॉल में एक मजबूत टीम मानी जाती है और फीफा की विश्व रैंकिंग में वह 20वें स्थान पर है। टीम ने लगातार चौथी बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है।

एपी आनन्द नमिता

नमिता


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