राष्ट्रमंडल खेलों में पदकों के साथ अनुभव हासिल करना भी महत्वपूर्ण: रोहित राजपाल

राष्ट्रमंडल खेलों में पदकों के साथ अनुभव हासिल करना भी महत्वपूर्ण: रोहित राजपाल

राष्ट्रमंडल खेलों में पदकों के साथ अनुभव हासिल करना भी महत्वपूर्ण: रोहित राजपाल
Modified Date: July 21, 2026 / 11:39 am IST
Published Date: July 21, 2026 11:39 am IST

(सुमन रे)

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय दल के प्रमुख रोहित राजपाल ने कहा कि अहमदाबाद में 2030 में होने वाले खेलों को ध्यान में रखते हुए अनुभव हासिल करना भी काफी महत्वपूर्ण होगा।

प्रत्येक चार साल में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल इस बार 23 जुलाई से शुरू होंगे लेकिन इसमें केवल 10 खेल शामिल हैं। यह संख्या बर्मिंघम 2022 की तुलना में नौ कम है, जहां भारत 61 पदकों (22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य) के साथ चौथे स्थान पर रहा था।

भारत की डेविस कप टीम के गैर-खिलाड़ी कप्तान राजपाल ने पीटीआई से कहा कि मैदान से बाहर का अनुभव बेहद महत्व रखता है जिससे 2030 में होने वाले खेलों में किसी तरह की कसर नहीं छूटे।

राजपाल ने उद्घाटन समारोह से पहले तैयारियों की समीक्षा करने के बाद ग्लासगो से कहा, ‘‘इस बार खेलों से जुड़े और खेलों से इतर दोनों पहलू समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत को अगले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करनी है और हम उसका अच्छी तरह से आयोजन कर सकें इसके लिए ज्ञान और अनुभव का आदान प्रदान भी महत्वपूर्ण है। इन खेलों के आखिर में हमें राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज भी सौंपा जाएगा।’’

खेल मंत्री मनसुख मांडविया और वरिष्ठ खेल प्रशासकों के भी ग्लासगो में उपस्थित होने की उम्मीद है ताकि खिलाड़ियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

खेलों के संचालन संबंधी पहलुओं का अध्ययन करने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में गुजरात के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और राज्य के खेल सचिव के उपस्थित होने की उम्मीद है।

भारत में इससे पहले 2010 में नयी दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी लेकिन उनकी तैयारी को लेकर अव्यवस्था बनी रही। राजपाल ने कहा कि तब से लेकर अब तक खेलों के प्रबंधन में काफी बदलाव आया है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमें इन सभी चीजों को अच्छी तरह से समझने की जरूरत है।’’

भारत ग्लासगो में होने वाले खेलों में आठ खेलों में हिस्सा लेगा। वह बास्केटबॉल और नेटबॉल में हिस्सा नहीं लेगा। इन खेलों में भारत का 135 सदस्यीय दल भाग ले रहा है। इन खेलों में कई ऐसे खेल हैं जिनमें भारत का प्रदर्शन अच्छा रहा है लेकिन वह ग्लास्गो खेलों में शामिल नहीं है। इससे भारत के पदकों की संख्या में कमी आना लगभग तय है।

राजपाल ने कहा, ‘‘जहां तक पदक तालिका का सवाल है तो किसी तरह की अनुचित तुलना नहीं होनी चाहिए। इस बार निशानेबाजी, कुश्ती, हॉकी और बैडमिंटन जैसे खेल इस प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। हम जिन खेलों में भाग ले रहे हैं उनमें हमारी तैयारी बहुत अच्छी है और प्रत्येक पूरी तरह से तैयार है।’’

भाषा

पंत

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