राजस्थान रॉयल्स को छोड़ना भावनात्मक रूप से मुश्किल था, सीएसके सही फ्रेंचाइजी लगी: सैमसन

राजस्थान रॉयल्स को छोड़ना भावनात्मक रूप से मुश्किल था, सीएसके सही फ्रेंचाइजी लगी: सैमसन

राजस्थान रॉयल्स को छोड़ना भावनात्मक रूप से मुश्किल था, सीएसके सही फ्रेंचाइजी लगी: सैमसन
Modified Date: July 16, 2026 / 04:45 pm IST
Published Date: July 16, 2026 4:45 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने खुलासा किया कि राजस्थान रॉयल्स से एक दशक से अधिक समय तक जुड़े रहने के बाद इस आईपीएल फ्रेंचाइजी को छोड़ना उनके करियर के सबसे मुश्किल फैसलों में से एक था।

हालांकि महेंद्र सिंह धोनी और रुतुराज गायकवाड़ के साथ उनके मजबूत रिश्ते ने चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में उनका सफर आसान बना दिया।

सैमसन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 से पहले ‘ट्रेड’ के जरिए सीएसके में शामिल हुए। पांच वर्षों तक राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करने वाले इस खिलाड़ी ने जियोस्टार के कार्यक्रम ‘सुपरस्टार्स’ में कहा, ‘‘राजस्थान रॉयल्स से आगे बढ़ना मेरे लिए बहुत बड़ा फैसला था। जब आप किसी टीम के लिए लंबे समय तक खेलते हैं, तो आपको लगने लगता है कि यह आपकी टीम है और कोई आपको यहां से नहीं हटा सकता। लेकिन मुझे हमेशा यह अहसास था कि हर किसी का एक जगह पर समय सीमित होता है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप अपना काम करते हैं और फिर आगे बढ़ जाते हैं। आईपीएल 2025 के बाद मुझे लगा कि अब मुझे आगे बढ़ जाना चाहिए। मैंने खुद से कहा कि लड़के तैयार हैं और राजस्थान रॉयल्स अब संजू सैमसन के बिना भी खेलने के लिए तैयार है। तभी मैंने टीम छोड़ने का फैसला किया। ’’

केरल के इस क्रिकेटर ने बताया कि राजस्थान रॉयल्स छोड़ने के बाद उनके सामने कुछ विकल्प थे, लेकिन उन्होंने सीएसके को चुना क्योंकि यह उनकी खेल शैली के लिए सबसे उपयुक्त फ्रेंचाइजी लगी। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित पीली जर्सी पहनना उनके लिए खास अनुभव था।

सैमसन ने कहा, ‘‘उस समय मेरे पास दो-तीन विकल्प थे। लेकिन सच कहूं तो सीएसके, माही भाई का असर, खुद फ्रेंचाइजी और वहां मेरे दोस्त, विशेषकर रुतुराज इन सबकी वजह से मेरा उनसे अच्छा जुड़ाव था। दूसरे खिलाड़ियों से सीएसके के बारे में जो कुछ सुना था, उससे मुझे लगा कि यह फ्रेंचाइजी मेरे स्वभाव और खेल के मुताबिक है। ’’

भाषा

नमिता मोना

मोना


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