… फिलेम दीपक सिंह …
नागोया, 21 सितंबर (भाषा) भारत के मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) खिलाड़ी वरुण सान्याल ने सोमवार को खुलासा किया कि एशियाई खेलों में ‘सौना सत्र’ के दौरान उनके बेहोश होने की वजह संभवतः अकेले वजन घटाने की उनकी “नासमझ” कोशिश थी लेकिन परिस्थितियों के चलते उनके पास ऐसा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
सान्याल रविवार को एशियाई खेलों की एमएमए स्पर्धा में एक भी मुकाबला खेले बिना बाहर हो गए थे। ‘सौना बाथ’ में वजन घटाने की कोशिश के दौरान अत्यधिक थकान और शरीर में पानी की कमी के कारण वह बेहोश हो गए थे। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें प्रतियोगिता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल के बेटे वरुण ने ‘पीटीआई’ के साथ विशेष बातचीत में घटना के बारे में कहा, ‘‘मैं यहां सिर्फ दो सप्ताह की सूचना पर आया था। मुझे प्रतियोगिता में भाग लेने के बारे में अपेक्षाकृत काफी देर से पता चला। यहां आवास की व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याएं थीं और फिर वजन कम करने की प्रक्रिया में मैं बिल्कुल अकेला था। पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि अकेले ऐसा करना काफी नासमझी भरा फैसला था।’’
उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मेरे पास इसे अकेले करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। मैं चाहता हूं कि जनता यह सवाल पूछे कि मैं अकेला क्यों था? लेकिन जिंदगी में ऐसी चीजें होती रहती हैं। मैं यहां बैठकर खुद पर तरस नहीं खाना चाहता।’’
सान्याल को पुरुषों की पारंपरिक 77 किलोग्राम स्पर्धा में हिस्सा लेना था और उन्हें दो सितंबर को टीम में शामिल किया गया था। महिला पारंपरिक 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली सुचिका तारियाल टीम की दूसरी सदस्य थीं। एमएमए टीम यहां बिना किसी सहयोगी स्टाफ के पहुंची थी।
सान्याल ने कहा कि प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाने से उन्हें निराशा जरूर हुई, लेकिन अब वह आगे बढ़ना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हां, मैं निश्चित रूप से निराश हूं। मैं हिस्सा लेना चाहता था और अपनी प्रतिभा दिखाना चाहता था। इस खेल में मेरी बड़ी महत्वाकांक्षाएं हैं और मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगा। लेकिन अब मुझे आगे बढ़ना होगा।”
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि क्या हो सकता था, इस पर ध्यान देने के बजाय हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि वास्तव में क्या हुआ। पिछले एक साल में महासंघ ने जिन चुनौतियों का सामना किया, उनके बावजूद हम एक पदक जीतने में सफल रहे। यह बहुत बड़ी बात है।”
उन्होंने कहा, “इसलिए निराश होने के बजाय मुझे इस शानदार नतीजे पर ज्यादा गर्व है।”
एशियाई खेलों की टीम में देर से शामिल किए जाने के बारे में सान्याल ने बताया कि उन्होंने जनवरी में ही खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया था, लेकिन चयन प्रक्रिया को लेकर काफी अनिश्चितता थी।
उन्होंने कहा, “मैंने जनवरी में ही एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया था। लेकिन क्वालीफिकेशन प्रक्रिया को लेकर काफी अनिश्चितता थी। मैं पेशेवर मुकाबले के लिए उतरने की तैयारी कर रहा था और फिर दो सप्ताह पहले मुझे पता चला कि एशियाई खेलों के लिए मेरे नाम की घोषणा कर दी गई है। और अब मैं यहां हूं।”
भाषा आनन्द आनन्द पंत
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