जोशना-सेंथिलकुमार की जोड़ी ने एशियाई खेलों की मिश्रित युगल स्क्वॉश में पदक पक्का किया

जोशना-सेंथिलकुमार की जोड़ी ने एशियाई खेलों की मिश्रित युगल स्क्वॉश में पदक पक्का किया

जोशना-सेंथिलकुमार की जोड़ी ने एशियाई खेलों की मिश्रित युगल स्क्वॉश में पदक पक्का किया
Modified Date: September 25, 2026 / 09:32 am IST
Published Date: September 25, 2026 9:32 am IST

… फिलेम दीपक सिंह …

नागोया, 25 सितंबर (भाषा) अनुभवी जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने शुक्रवार को एशियाई खेलों की मिश्रित युगल स्क्वॉश स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर भारत का पदक पक्का किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और अपने पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने फिलीपींस की जोड़ी को 30 मिनट से भी कम समय में 11-3, 11-5 से हराया। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए दूसरा गेम 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जोशना ने पीटीआई से कहा, ‘‘अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है।’’ एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।’’ अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया।’’ सेंथिलकुमार ने कहा, ‘‘हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।’’ भाषा आनन्द आनन्द


लेखक के बारे में