जूडोका अश्मिता डे कांस्य पदक मैच में हारीं, खाली हाथ लौटेंगी

जूडोका अश्मिता डे कांस्य पदक मैच में हारीं, खाली हाथ लौटेंगी

जूडोका अश्मिता डे कांस्य पदक मैच में हारीं, खाली हाथ लौटेंगी
Modified Date: September 30, 2026 / 03:40 pm IST
Published Date: September 30, 2026 3:40 pm IST

नागोया, 30 सितंबर (भाषा) भारतीय जूडो खिलाड़ी अश्मिता डे बुधवार को यहां एशियाई खेलों के महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में मंगोलिया की नारांत्सेत्सेग गनबातार के खिलाफ कांस्य पदक मुकाबला हार गई जिससे वह खाली हाथ लौटेंगी।

मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन अश्मिता कांस्य पदक मुकाबले में गनबातार के खिलाफ ‘वाजा’ से हार गईं।

जूडो में ‘वाजा’ का अर्थ ‘तकनीक’ या ‘कला’ होता है। यह इस ‘मार्शल आर्ट’ और खेल का बुनियादी हिस्सा है जिसमें तकनीक, पकड़ने और जमीन पर मुकाबला करने की तकनीकें शामिल हो सकती हैं।

अश्मिता ने हांगकांग चीन की का ली वोंग के खिलाफ रेपेशाज राउंड जीतकर कांस्य पदक मुकाबले में जगह बनाई थी। अश्मिता ने 4-0 के गोल्डन स्कोर से ‘योको’ के जरिए वोंग को हराया।

इससे पहले दिन में अश्मिता ने राउंड 16 में वियतनाम की न्गोक ची हा को ‘इप्पोन’ के जरिए हराया था।

वह क्वार्टरफाइनल में फाइनल में पहुंची कजाखस्तान की अबिबा अबुजाकिनोवा के खिलाफ ‘इप्पोन’ से हार गईं।

‘इप्पोन’ एक ऐसी तकनीक है जिसमें जूडो खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंदी को पीठ के बल पटक देता है।

भाषा नमिता मोना

मोना


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