कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में वापसी की संभावना को खारिज किया

कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में वापसी की संभावना को खारिज किया

कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में वापसी की संभावना को खारिज किया
Modified Date: June 21, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: June 21, 2026 7:46 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली से रविवार को जब पूछा गया कि वह फिर से सफेद जर्सी पहनकर मैदान में लौटना चाहेंगे तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह अपने नए लांच किए गए जूतों की बिक्री कम होना पसंद करेंगे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में वापसी नहीं करेंगे।

पिछले वर्ष टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले कोहली अब केवल एक प्रारूप में ही खेलते हैं। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 9,230 रन बनाए थे। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने नए जूतों की कीमत भी अपने टेस्ट रन के बराबर रखी है।

‘वन8 ग्लोबल’ के प्रीमियर कार्यक्रम में उनसे मजाक में पूछा गया कि क्या वह टेस्ट क्रिकेट में वापसी करना चाहेंगे ताकि उनके लाल रंग के जूतों की बिक्री और मुनाफा बढ़ सके। ये जूते टेस्ट क्रिकेट में उनके योगदान और समर्पण से प्रेरित हैं।

इस पर कोहली ने हंसते हुए कहा, ‘‘मैं कम बिक्री होना पसंद करूंगा। मैं इससे (टेस्ट क्रिकेट से) आगे बढ़ चुका हूं। ’’

उनके इस जवाब पर मौजूद लोगों की हंसी छूट गई।

इस बातचीत के दौरान कोहली ने अपने ‘कभी हार नहीं मानने’ वाले रवैये पर भी बात की जिसके साथ वह हमेशा खेलते रहे हैं। अपनी बात समझाते हुए उन्होंने उदाहरण के तौर पर 2022 टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मेलबर्न में खेली गई अपनी यादगार मैच जीताने वाली पारी का जिक्र किया।

कोहली ने कहा, ‘‘मैं ऐसा ही हूं। मुझे ऐसी स्थितियां पसंद हैं जब लोगों को लगता है कि मैच हाथ से निकल गया है और फिर किसी तरह आप खेल को वापस अपनी तरफ मोड़ लेते हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘बहुत छोटी उम्र से ही मैं परिस्थितियों को इसी नजरिए से देखता आया हूं। और मैंने कभी भी, आखिर तक, यह नहीं माना कि हम मैच हार गए हैं या हम जीत नहीं सकते। और इसी वजह से कई जादुई पल देखने को मिले हैं। ’’

कोहली ने कहा, ‘‘मेरे लिए जो घटना हमेशा सबसे खास रहेगी, वह मेलबर्न में पाकिस्तान के खिलाफ खेला गया मैच है। बाद में मुझे बताया गया था कि उस समय हमारी जीत की संभावना लगभग तीन प्रतिशत थी। लेकिन मैंने कभी इस तरह नहीं सोचा। यहां तक कि एक प्रतिशत भी काफी होता है। अगर मौका है, तो मौका है। जब तक मैच वास्तव में हार नहीं जाए, तब तक सब कुछ खत्म नहीं होता। ’’

कोहली अपने शुरुआती दिनों में अपने आक्रामक और बेबाक रवैये के लिए जाने जाते थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या 18 साल की उम्र वाले कोहली अपनी आज के व्यक्तित्व की किसी खास खूबी को देखकर हैरान होंगे तो उन्होंने कहा, ‘‘शायद वह खुद को इतना शांत कभी सोच भी नहीं सकते थे। उसे शायद उम्मीद होती कि मैं अब भी उतना ही उग्र और जोश से भरा इंसान रहूंगा। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन चीजें बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ी हैं। आज हम जो कर रहे हैं और जहां हैं, उसे देखकर मुझे गर्व महसूस होता। मुझे लगता है कि मैं किसी भी कमरे में फक्र से प्रवेश कर सकता हूं। मुझे इस बात की कोई झिझक नहीं होगी कि मैं कौन हूं और क्या करने की कोशिश कर रहा हूं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘बस अपने विजन और दिल की बात पर भरोसा करना और उसे पूरा विश्वास के साथ निभाना, ये ऐसी बातें हैं जिन पर मुझे गर्व होगा। ’’

मैदान पर कोहली ने बल्ले से शानदार निरंतरता बनाए रखी है और हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार आईपीएल खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


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