कृष्णमूर्ति और मोनांक की अर्धशतकीय पारियों से अमेरिका ने नामीबिया को हराया

कृष्णमूर्ति और मोनांक की अर्धशतकीय पारियों से अमेरिका ने नामीबिया को हराया

कृष्णमूर्ति और मोनांक की अर्धशतकीय पारियों से अमेरिका ने नामीबिया को हराया
Modified Date: February 15, 2026 / 07:04 pm IST
Published Date: February 15, 2026 7:04 pm IST

चेन्नई, 15 फरवरी (भाषा) संजय कृष्णमूर्ति (नाबाद 68) और कप्तान मोनांक पटेल (52) की आक्रामक अर्धशतकीय पारियों के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से अमेरिका ने आईसीसी टी20 विश्व कप ग्रुप ए मैच में रविवार को यहां नामीबिया को 31 रन से हराकर सुपर आठ में पहुंचने की अपनी धुंधली उम्मीदों को कायम रखा है।

लगातार दो जीत के साथ अमेरिका ने ग्रुप चरण को चार अंकों के साथ समाप्त किया और भारत और पाकिस्तान के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत और पाकिस्तान में से किसी के उलटफेर का शिकार होने पर वह सुपर आठ में पहुंच सकता है।

अमेरिका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 199 रन बनाये जो टी20 विश्व कप में उसका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। सलामी बल्लेबाज लॉरेन स्टीनकैंप की 39 गेंद में 58 रन की पारी के बावजूद नामीबिया की टीम छह विकेट पर 168 रन ही बना सकी।

अमेरिका के लिए शानदार लय में चल रहे शैडली वैन शाल्कविक ने दो विकेट चटकाये और अब उनके नाम टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 13 विकेट हो गये हैं।

‘प्लेयर ऑफ  द मैच’ कृष्णमूर्ति ने 33 गेंद की पारी में चार चौके और छह छक्कों की मदद से नाबाद 68 रन की पारी खेलने के साथ मिलिंद कुमार (20 गेंद में 28 रन) के साथ चौथे विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी कर टीम को 200 रन के करीब पहुंचाया।

बाईस वर्षीय कृष्णमूर्ति ने भारत की 2011 विश्व कप जीत देखने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सपना देखना शुरू किया था और कोविड-19 महामारी के दौरान सैन फ्रांसिस्को जाने से पहले बेंगलुरु में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी।

मोनांक ने लगातार कम स्कोर वाली पारियों को पीछे छोड़ते हुए 30 गेंद में तीन चौके और तीन छक्के लगाये। उन्होंने पारी की शुरुआत में मिले जीवनदान के बाद आत्मविश्वास और आक्रमण का शानदार मिश्रण दिखाया। उन्होंने शायन जहांगीर (18 गेंद में 22 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 6.5 ओवर में 68 रन की साझेदारी कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। इस जोड़ी ने पावर प्ले में 11 रन प्रति ओवर की रफ्तार से रन बटोरे।

नामीबिया के लिए लेग स्पिनर नामीबिया के लिए विलेम मायबर्ग और कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने दो-दो विकेट लिये।

लक्ष्य का पीछा करते हुए नामीबिया के सलामी बल्लेबाज स्टीनकैंप ने पारी की शुरुआत में ही आक्रामक तेवर दिखाए। खास तौर पर पांचवें ओवर में उन्होंने अली खान पर दो चौके और एक छक्का जड़ते हुए 20 रन बटोरे कर रोमांच बढ़ा दिया।

अमेरिका ने तुरंत पलटवार किया जब शाल्कविक ने जान फ्रायलिंक (19) का कैच अपनी गेंद पर ही लपका।

इस विकेट के बावजूद नामीबिया ने आक्रामक रुख बरकरार रखा और स्टीनकैंप को जान निकोल लॉफ्टी-ईटन का अच्छा साथ मिला। दोनों ने 31 गेंदों में 45 रन जोड़कर जरूरी रन गति को नियंत्रण में रखा।

लॉफ्टी-ईटन ने रिवर्स स्वीप और इनसाइड-आउट जैसे शॉट खेलते हुए प्रभावित किया। 10 ओवर के बाद नामीबिया का स्कोर एक विकेट पर 97 रन था और उन्हें आखिरी 10 ओवर में 103 रन की जरूरत थी।

मोनांक की सूझबूझ भरे गेंदबाजी बदलाव ने मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने सौरभ नेत्रवलकर (27 रन पर एक विकेट) को दोबारा आक्रमण पर लगाया, जिन्होंने लॉफ्टी-ईटन को आउट किया। वह रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश में शॉर्ट थर्ड मैन पर खड़े शुभम रंजने को कैच दे बैठे।

इसके तुरंत बाद स्टीनकैंप ने 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन अगली ही ओवर में रजने की मध्यम गति की गेंद पर चकमा खा गये।

इन दो झटकों से नामीबिया की पारी लड़खड़ा गई। 13 रन के भीतर दो बल्लेबाजों के आउट होने के बाद इरास्मस (छह) भी सस्ते में पवेलियन लौट गए वह शाल्कविक का दूसरा शिकार बने।

इसके बाद नामीबिया कभी वापसी नहीं कर सका और अंतिम ओवर में उसे 38 रन की जरूरत थी। 

मोनांक पारी की शुरुआत से अपने आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने तीन छक्के लगाए, जिनमें से दो जेजे स्मिट के खिलाफ थे। मोनांक ने 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। पावरप्ले के आखिरी ओवर में उन्होंने स्मिट पर एक छक्का और दो चौके जड़ते हुए 19 रन बटोरे, जिससे अमेरिका बिना किसी नुकसान के 65 रन तक पहुंच गया।

जहांगीर भी अच्छी लय में दिखे और एक छक्का व दो चौके लगाए, लेकिन  लेग स्पिनर मायबर्ग ने जहांगीर को आउट कर नामीबिया को सफलता दिलाई।

उन्होंने इस बल्लेबाज को पहले धीमी गेंद पर फंसाते हुए मिड-ऑन पर कैच कराया। अपने अगले ओवर में उन्होंने कप्तान मोनांक को भी पवेलियन भेज दिया, जिससे नामीबिया ने मैच में थोड़ी देर के लिए वापसी की।

इरास्मस ने भी अपने पहले ओवर में विविधताओं का चतुराई से इस्तेमाल करते हुए प्रभाव डाला।

कृष्णमूर्ति को पारी की शुरुआत में थोड़ा भाग्य का साथ मिला, जब वह 10 रन पर थे तब इरास्मस ने लॉन्ग-ऑफ पर दौड़ते हुए शानदार कैच लेने की कोशिश की लेकिन डाइव लगाते समय गेंद पर नियंत्रण खो बैठे। यह चूक नामीबिया को भारी पड़ी।

इसके बाद युवा बल्लेबाज ने गियर बदलते हुए आक्रामक अंदाज अपनाया और अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्धशतक शानदार अंदाज में पूरा किया।

उन्होंने 17वें ओवर में उन्होंने रुबेन ट्रम्पेलमैन के खिलाफ लगातार तीन छक्के जड़े, जिसमें एक कमर से ऊपर की नो-बॉल पर लगाया गया छक्का भी शामिल था। महज 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर उन्होंने मैच का रुख बदल दिया।

भाषा आनन्द सुधीर

सुधीर


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