नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) भारत के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणय ने मंगलवार को कहा कि कोहनी की चोट के कारण लक्ष्य सेन की हाल में संपन्न थॉमस कप के सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ गैरमौजूदगी निर्णायक साबित हुई जिससे डेनमार्क में 2022 के चैंपियन भारत के फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा।
लक्ष्य को सेमीफाइनल से बाहर होना पड़ा क्योंकि उनकी दाहिनी कोहनी सूज गई थी। यह चोट उन्हें चीनी ताइपे के चो टिएन चेन के खिलाफ 90 मिनट तक चले कड़े और जोरदार क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान लगी थी। लक्ष्य की जगह युवा आयुष शेट्टी को टीम में शामिल किया गया जिन्होंने क्रिस्टो पोपोव का सामना किया लेकिन भारत को फ्रांस के हाथों 0-3 से हार का सामना करना पड़ा और उसे डेनमार्क के हॉर्सेंस में कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।
भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) द्वारा आयोजित एक बातचीत के दौरान प्रणय ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सेमीफाइनल में लक्ष्य की गैरमौजूदगी ने हमारे लिए सबसे बड़ा अंतर पैदा किया। यह एक टीम प्रतियोगिता है जहां रैंकिंग मायने रखती है और शीर्ष खिलाड़ी आमतौर पर शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ ही खेलते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बेशक लक्ष्य ने टिएन चेन के खिलाफ इतना बड़ा मैच जीता था… मुझे लगता है कि उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा था और शायद पोपोव के खिलाफ मैच का नतीजा हमारे पक्ष में आ सकता था। मेरा मानना है कि लक्ष्य पोपोव को हरा देते और अगले मैच में आयुष निश्चित रूप से हमारे लिए एलेक्स (लैनियर) के खिलाफ जीत हासिल कर लेते।’’
प्रणय 2022 में भारत की ऐतिहासिक पहली थॉमस कप जीत के मुख्य शिल्पकारों में से एक थे।
तैंतीस साल के प्रणय ने कहा कि टीम प्रतियोगिता अक्सर किसी एक नतीजे पर निर्भर करती है और क्रिस्टो पोपोव के खिलाफ आयुष की शुरुआती हार ने संभवतः भारत को एक बड़ा झटका दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टीम स्पर्धा में बस एक जीत की बात होती है, जो पूरे मैच का रुख बदल देती है… और जाहिर है हमें फ्रांस के खिलाफ वह एक जीत हासिल करनी थी जिससे हमें चौथा और पांचवां मैच खेलने का मौका मिल सकता था।’’
प्रणाय ने कहा कि अगर मुकाबला चौथे या पांचवें मैच तक खिंचता तो भारत इस मुकाबले को अपने पक्ष में कर सकता था क्योंकि वहां देश की मजबूत युगल जोड़ी का पलड़ा भारी रहता और वे मैच पर हावी हो सकते थे।
भारत के शीर्ष युगल खिलाड़ी चिराग शेट्टी ने कहा कि थॉमस कप का प्रारूप सेमीफाइनल में भारत के लिए नुकसानदायक साबित हुआ क्योंकि एकल मुकाबले पहले खेले गए।
उन्होंने कहा कि एकल में शुरुआती हार और फिर लक्ष्य की गैरमौजूदगी से टीम शुरुआत में ही पिछड़ गई। थॉमस कप में खिलाड़ी एकल और युगल दोनों में खेल सकता है।
चिराग ने कहा, ‘‘(फ्रांस के खिलाफ) यह एक बहुत ही असाधारण स्थिति थी क्योंकि कोई भी मजबूत देश ऐसा नहीं करता कि वह अपने एकल खिलाड़ी को युगल मैच में भी खिलाए। सभी मजबूत देश ऐसा कभी नहीं करते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन फ्रांस के मजबूत एकल खिलाड़ी युगल में भी खेलते हैं। यह एक बहुत ही असाधारण स्थिति है। (थॉमस कप के) नियमों के अनुसार जो खिलाड़ी एकल और युगल दोनों खेलता है उसे पहले अपने एकल मैच खेलने होते हैं और फिर युगल। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति थी कि हमारा (युगल) मैच हो ही नहीं पाया, क्योंकि फ्रांस ने शुरुआती तीन एकल मैच जीत लिए।’’
लक्ष्य ने कहा कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि डेनमार्क से लौटने के बाद उन्होंने कुछ स्कैन करवाए हैं जिससे कि चोट की गंभीरता का पता चल सके और वे अपनी आने वाली प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम तय कर सकें।
लक्ष्य ने कहा, ‘‘चोट अब ठीक हो रही है लेकिन मैं कल रात ही लौटा हूं और आज सुबह मैंने कुछ स्कैन भी करवाए हैं। अब मैं डॉक्टर के पास जाऊंगा, उनसे बात करूंगा और फिर तय करूंगा कि आगामी टूर्नामेंट में कैसे आगे बढ़ना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अगले सप्ताह थाईलैंड ओपन खेलना है लेकिन मैं अब भी डॉक्टर से पुष्टि का इंतजार कर रहा हूं। मैंने अभी एमआरआई स्कैन करवाए हैं इसलिए मैं बस उनकी राय का इंतजार कर रहा हूं। उसके बाद ही हमें टूर्नामेंट के बारे में अधिक साफ जानकारी मिल पाएगी।’’
कांस्य पदक जीतने के बाद भारत लौटने पर हुए फीके स्वागत से चिराग थोड़े निराश दिखे। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अपने देश में किसी को भी उपलब्धियों की परवाह नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘अब स्वदेश लौट आया हूं। हमेशा की तरह किसी को नहीं पता कि पिछले दो हफ्तों में क्या हुआ और ऐसा लगता है कि किसी को सच में इसकी परवाह भी नहीं है।’’
चिराग ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मैंने कभी यह उम्मीद की थी कि कोई हवाई अड्डे पर आकर हमारा स्वागत करेगा लेकिन फिर भी मुझे याद है कि पिछली बार जब हमने थॉमस कप जीता था तो बहुत से लोग आए थे… हमारा स्वागत हुआ था। मुझे लगता है कि (इस बार) जिस तरह से इसका जश्न मनाया जाना चाहिए था प्रशंसकों ने उस तरह से इसका जश्न नहीं मनाया।’’
भाषा सुधीर
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