ठाणे, पांच मई (भाषा) ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने 2022 के लूट के एक मामले में सोमवार को 43 वर्षीय एक आरोपी को बरी कर दिया। आरोपी पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान को साबित करने में विफल रहा। विशेष मकोका अदालत के न्यायाधीश वी. जी. मोहिते ने कर्नाटक के बीदर निवासी आरोपी बकर उर्फ बाबर अकरम अल्ली को उस पर लगे सभी आरोपों से बरी कर दिया।
उस पर भारतीय दंड संहिता तथा मकोका के विभिन प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।
विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि 10 अक्टूबर 2022 को ठाणे जिले के ठाकुरली में दो नकाबपोश मोटरसाइकिल सवार लोगों ने एक महिला से 1.5 लाख रुपये मूल्य का सोने का हार लूट लिया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मुख्य गवाह आरोपियों की पहचान करने में विफल रहे क्योंकि अपराधियों ने लूट के दौरान नकाब पहन रखे थे।
न्यायाधीश मोहिते ने कहा, ‘अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपी की पहचान संदेह से परे साबित नहीं की जा सकी है। अभियोजन पक्ष के साक्ष्य पहचान साबित करने के लिए कमजोर हैं। उन्होंने लुटेरों के चेहरे ठीक से नहीं देखे क्योंकि उनके चेहरे नकाब से ढके हुए थे और घटना पलक झपकते ही घटित हुई।’
अदालत ने जांच के दौरान दर्ज आरोपी के इकबालिया बयान को भी खारिज कर दिया क्योंकि बाद में वह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी बात से मुकर गया था।
अदालत ने आरोपी को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।
भाषा
शुभम अविनाश
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