धोनी से सीखा है कि दबाव को हावी नहीं होने देना है: शोएब

धोनी से सीखा है कि दबाव को हावी नहीं होने देना है: शोएब

धोनी से सीखा है कि दबाव को हावी नहीं होने देना है: शोएब
Modified Date: February 13, 2026 / 08:13 pm IST
Published Date: February 13, 2026 8:13 pm IST

(अमित आनन्द)

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) कनाडा के खिलाफ दबाव के क्षणों में 29 गेंद में 51 रन की पारी खेल कर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को आईसीसी टी20 विश्व कप मुकाबले में जीत दिलाने वाले शोएब खान ने कहा कि वह लक्ष्य का पीछा करते समय भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का अनुसरण करने की कोशिश कर रहे थे।

बिहार के गया से ताल्लुक रखने वाले शोएब ने मैच के बाद कहा, ‘‘ जब मैं क्रीज पर आया तो स्थिति काफी मुश्किल थी उस समय 12 रन प्रति ओवर से अधिक की जरूरत थी। मैंने अपने तरीके से बल्लेबाजी का समर्थन किया।’’

कनाडा ने सात विकेट पर 150 रन बनाने के बाद 13वें ओवर में 66 रन तक यूएई के छह विकेट ले लिये थे। शोएब ने सलामी बल्लेबाज आर्यांश शर्मा (53 गेंद में नाबाद 73) के साथ 43 गेंद में 84 रन की साझेदारी टीम को जीत दिला दी।

शोएब ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में आखिरी ओवरों के विशेषज्ञ बल्लेबाज माने जाने वाले धोनी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हमे 12-13 रन प्रति ओवर के हिसाब से रन बनाने थे । एक बार महेंद्र सिंह धोनी ने कहा था कि जब आप पिच पर होते है और दबाव बढ़ रहा होता है तो बस धैर्य और संयम बनाये रखे और मैने भी यहीं किया।’’

दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से अपना पेशेवर क्रिकेट शुरू करने वाले इस दायें हाथ के बल्लेबाज ने कहा, ‘‘ मैंने अपना बचपन बिहार के गया में बिताया है। मैंने अपना पेशेवर क्रिकेट जामिया मिलिया इस्लामिया से शुरू किया था। मैंने 2014 से तीन-चार साल के लिए उत्तर क्षेत्र के क्रिकेट में जामिया का प्रतिनिधित्व किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यहां मौके नहीं मिल पा रहे थे तो मुझे लगा कि एक मौका लेना चाहिये। मैंने पेशेवर क्रिकेट खेलना काफी देर से शुरू किया था। मैं कोविड-19 महामारी के समय साल 2021 में यूएई गया था। ’’

यूएई में वित्तीय सलाहकार के तौर पर काम करने वाले इस 27 साल के बल्लेबाज ने कहा, ‘‘ मैं वहां एक कंपनी में वित्तीय सलाहकार के तौर पर काम करता हूं। जैसा कि यूएई में होता है, हम आमतौर पर दिन में अपनी नौकरी करते है और शाम में क्रिकेट का अभ्यास करते है। पिछले चार-पांच महीने से लगातार क्रिकेट खेल रहा हूं।’’

शोएब ने कहा, ‘‘ मेरे माता-पिता, मेरी पत्नी और मेरी बेटी यहां मौजूद थे तो मैंने सोचा कि पिछले कुछ सालों में जितना भी संघर्ष किया है ,मेरे लिये उसे सही साबित करने का यही मौका है। ’’

उन्होंने अपने खेल में आये सुधार का श्रेय कोच लालचंद राजपूत को देने हुए कहा कि यह उनका समर्थन ही था कि हाल ही में पदार्पण करने के बावजूद मुझे विश्व कप में मौका मिला।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने कोच लालचंद राजपूत को श्रेय देना चाहूंगा। जब मैं बल्लेबाजी के लिए जा रहा था तो उन्होंने कहा कि अपना समय लेना और तुम इसे कर सकते हो। मैंने हाल ही में पदार्पण किया है। ऐसे में मेरे पर भरोसा दिखाना काफी कुछ कहता है।’’

पिछले साल नवंबर में पदार्पण करने वाले शोएब का यह चौथ टी20 अंतरराष्ट्रीय है।

उन्होंने मैच में पांच विकेट लेने वाले अनुभवी जुनैद सिद्दीकी की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘ जुनैद हमारे सीनियर गेंदबाज है और उनके पास किसी भी विकेट पर अच्छी गेंदबाजी करने का माद्दा है। वह न्यूजीलैंड के खिलाफ कुछ खास नहीं कर सके लेकिन उन्होंने आज पांच विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई ।’’

‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जुनैद ने कहा कि इस पिच पर धीमी गेंद करने की उनकी योजना कारगर रही।

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं गेंदबाजी के लिए आया मैं बल्लेबाजों के लिए मुश्किल लाइन लेंथ पर गेंद डाल रहा था। मैंने महसूस किया इस पिच पर धीमी गेंद कारगर होगी और फिर मैंने उसी योजना पर काम किया।

पाकिस्तान के मुल्तान से ताल्लुक रखने वाले इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘ 2010 में पाकिस्तान अंडर-19 के लिए मेरा चयन हो गया था लेकिन मुझे पदार्पण का मौका नहीं मिला था। मैं प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने की कोशिश कर रहा था लेकिन मौका नहीं मिला तो 2014 में यूएई गया। मै वहां नौकरी की तलाश में गया था लेकिन कुछ ऐसे लोगों से मुलाकात हुई जो क्रिकेट के दीवाने थे। मैंने फिर वहां क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। ’’

भाषा आनन्द मोना

मोना


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