लंबी कूद के खिलाड़ी श्रीशंकर का ध्यान आगामी प्रतियोगिताओं में लय हासिल करने पर

लंबी कूद के खिलाड़ी श्रीशंकर का ध्यान आगामी प्रतियोगिताओं में लय हासिल करने पर

लंबी कूद के खिलाड़ी श्रीशंकर का ध्यान आगामी प्रतियोगिताओं में लय हासिल करने पर
Modified Date: June 1, 2023 / 04:59 pm IST
Published Date: June 1, 2023 4:59 pm IST

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) यूनान में पिछले सप्ताह स्वर्ण पदक जीतने के बाद आत्मविश्वास से भरे लंबी कूद के भारतीय खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने गुरुवार को माना कि वह अभी लय हासिल नहीं कर सके है और जल्दी ही अपनी खामियों को दूर करना चाहते है।

चौबीस साल के श्रीशंकर ने 24 मई को एथेंस के पास कालिथिया में अंतरराष्ट्रीय ‘जंपिंग मीट’ में स्वर्ण जीता था। यह विश्व एथलेटिक्स के ‘कॉन्टिनेंटल टूर कांस्य-स्तरीय प्रतियोगिता’ है। इस दौरान उन्होंने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 8.18 मीटर की छलांग लगायी।

श्रीशंकर हालांकि इस साल विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के क्वालीफाइंग मानक 8.25 मीटर को हासिल करने से चूक गए। उनके पास अगस्त में बुडापेस्ट में होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करने मौका है। वह विश्व एथलेटिक्स के रोड टू बुडापेस्ट में 18वें स्थान पर हैं जहां 36 एथलीट पुरुषों की लंबी कूद में प्रतिस्पर्धा करेंगे।

श्रीशंकर ने यहां जारी विज्ञप्ति में कहा, ‘‘ हमने यूनान के लिए जिस तरह की योजना बनायी थी, मैं उसे पूरा नहीं कर पाया। मैं अपनी लय को हासिल नहीं कर सका। मैं छलंगा के लिए जैसी गति चाहता था, वह हासिल करने में विफल रहा। लय में आने के लिए मुझे और मेहनत करनी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ अभी मेरा ध्यान लय हासिल करने पर है। हम यह जानने की कोशिश कर रहे कि छलांग से पहले आखिरी कुछ लम्हों में कैसे सुधार कर सकते है। लय हासिल करने पर मैं अपनी छलांग की अच्छे से पूरा कर पाउंगा।’’

श्रीशंकर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.36 मीटर है। वह नौ जून को पेरिस डायमंड लीग में दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों को चुनौती पेश करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह सत्र उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि अक्टूबर में एशियाई खेलों का आयोजन होगा और इसके क्वालीफायर जून के पहले सप्ताह में होंगे।’’

श्रीशंकर ने कहा, ‘‘हमने सत्र की योजना इस तरह से बनायी है कि एशियाई खेलों तक मैं अपने सर्वश्रेष्ठ लय में रहूं। जुलाई में एशियाई चैम्पियनशिप और अगस्त में विश्व चैम्पियनशिप जैसे अहम प्रतियोगिता है। मुझे बड़ी प्रतियोगिताओं में अपना सर्वश्रेष्ठ करना होगा।’’

भाषा आनन्द मोना

मोना


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