महाराष्ट्र विधानसभा में क्रिकेट का खुमार, सदस्य ने की भारत-इंग्लैंड मैच के टिकटों की मांग
महाराष्ट्र विधानसभा में क्रिकेट का खुमार, सदस्य ने की भारत-इंग्लैंड मैच के टिकटों की मांग
मुंबई, पांच मार्च (भाषा) मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में बृहस्पतिवार को भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर क्रिकेट का जुनून महाराष्ट्र के विधानमंडल तक पहुंच गया, जहां विधायकों ने मैच देखने के लिए टिकट दिलाने की मांग उठा दी।
आमतौर पर नेता चुनाव टिकट के लिए प्रयास करते नजर आते हैं, वहीं इस बार महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य (विधायक) एक अलग तरह के “टिकट” की मांग करते दिखे। वे दक्षिण मुंबई के प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल मुकाबला देखने के लिए प्रवेश टिकट चाहते थे।
विधायकों की इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र विधानसभा के पीठासीन अधिकारी दिलीप लांडे ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि जो विधायक मैच देखने जाना चाहते हैं, उनके लिए उपयुक्त व्यवस्था की जाए।
लांडे ने कहा कि सदन की भावना को देखते हुए सरकार को एक घंटे के भीतर व्यवस्था करनी चाहिए। इस पर राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधायकों की मांग पर गौर करने का आश्वासन दिया।
इस दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में चर्चा की शुरुआत सुधीर मुनगंटीवार (भाजपा) ने की। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि विधायकों की मांग पर फैसला लेकर उनकी यह इच्छा पूरी करें कि वे स्टेडियम में बैठकर भारत को इंग्लैंड को हराते हुए देखें।
विधानमंडल का बजट सत्र फिलहाल विधान भवन में चल रहा है, जो वानखेड़े स्टेडियम के पास ही स्थित है।
क्रिकेट का यही उत्साह विधान परिषद में भी देखने को मिला, जहां सदस्यों ने टी20 विश्व कप सेमीफाइनल के लिए पास और टिकट न मिलने पर नाराजगी जताई।
राज्य के उच्च सदन में मुद्दा उठाते हुए सचिन अहिर (शिवसेना-यूबीटी) ने कहा कि जब पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार बीसीसीआई के प्रमुख थे, तब विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों को क्रिकेट मैच देखने के लिए पास दिया जाता था।
उन्होंने कहा कि टिकट ऑनलाइन उपलब्ध होते हैं, लेकिन कॉरपोरेट कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए बड़ी संख्या में टिकट खरीद लेती हैं, जिससे उनकी कमी हो जाती है।
अहिर ने दावा किया कि जब विधायक पास मांगते हैं तो उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया जाता, जबकि पुलिस और आईएएस अधिकारियों को स्टेडियम में प्रवेश के टिकट मिल जाते हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों को नहीं। उन्होंने सरकार से इस पर ध्यान देने की मांग की।
अन्य दलों के सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए विधायकों के लिए टिकट के इंतजाम करने की मांग की।
भाषा आनन्द सुधीर
सुधीर

Facebook


