ओलंपियन खशाबा जाधव को मरणोपरांत पद्म विभूषण देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया: महाराष्ट्र सरकार

Ads

ओलंपियन खशाबा जाधव को मरणोपरांत पद्म विभूषण देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया: महाराष्ट्र सरकार

  •  
  • Publish Date - May 14, 2026 / 04:03 PM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 04:03 PM IST

मुंबई, 14 मई (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने बम्बई उच्च न्यायालय को बताया है कि उसने भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता पहलवान खशाबा दादासाहेब जाधव को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार देने का प्रस्ताव पहले ही भेज दिया है।

सरकार ने पिछले हफ्ते उच्च न्यायालय की कोल्हापुर पीठ को बताया कि 31 जुलाई को नामांकन की तारीख खत्म होने से काफी पहले ‘पद्म पुरस्कार 2027’ के लिए भी एक नया प्रस्ताव भेजा जाएगा।

न्यायमूर्ति माधव जामदार और प्रवीण पाटिल की पीठ ने पिछले महीने केंद्र और राज्य सरकार से यह फैसला करने को कहा था कि क्या महाराष्ट्र के पहलवान जाधव को मरणोपरांत पद्म विभूषण दिया जाएगा या नहीं, जो भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता थे।

अदालत ने सात मई को राज्य सरकार की बात स्वीकार ली और मामले की अगली सुनवाई 30 जून को तय की।

अदालत उनके बेटे रंजीत जाधव द्वारा शुरू की गई ‘कुश्तीवीर खशाबा जाधव फाउंडेशन’ की तरफ की दायर की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

याचिका में गृह मंत्रालय की पद्म पुरस्कार इकाई को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वह खशाबा जाधव को मरणोपरांत भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण देने के लिए उनके प्रतिनिधित्व पर नए सिरे से विचार करे और फैसला करे।

जाधव ने 1952 में हुए हेलसिंकी ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता था। उन्हें 2001 में मरणोपरांत अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनका 1984 में निधन हो गया था।

भाषा नमिता मोना

मोना