कोर्ट पर कठिन प्रतिद्वंद्वी थीं मारिन, लेकिन मेरी यात्रा का हिस्सा बन गईं : सिंधू
कोर्ट पर कठिन प्रतिद्वंद्वी थीं मारिन, लेकिन मेरी यात्रा का हिस्सा बन गईं : सिंधू
नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) भारत की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने हाल में संन्यास लेने वाली स्पेन की कैरोलिना मारिन के बारे में शुक्रवार को कहा कि वह उन प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों में शामिल थीं जो उनकी यात्रा का हिस्सा बन गईं, भले ही दोनों के बीच हुए मुकाबलों में तीखी नोकझोंक शामिल रही हो।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने कहा कि मारिन अपनी रणनीति और लगातार चिल्लाने से कोर्ट पर चुनौतीपूर्ण हुआ करती थीं लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों के बीच सम्मान का रिश्ता था।
बैडमिंटन के इतिहास की महानतम खिलाड़ियों में से एक मारिन ने घुटने की चोट के कारण बृहस्पतिवार को संन्यास की घोषणा कर दी जिससे उनके शानदार करियर का समापन हो गया जिसमें एक ओलंपिक स्वर्ण पदक और तीन विश्व चैंपियनशिप खिताब शामिल हैं।
सिंधू ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘कुछ प्रतिद्वंद्वी हमेशा के लिए आपकी यात्रा का हिस्सा बन जाते हैं। कैरोलिना उन्हीं में से एक थीं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम पहली बार मालदीव में एक-दूसरे के खिलाफ खेले थे तब हम 15 या 16 साल के थे। इसके बाद से हमने एक दूसरे के खिलाफ कई मैच खेले हैं। ’’
पूर्व विश्व नंबर एक मारिन (32 साल) ने रियो 2016 ओलंपिक के फाइनल में सिंधू को हराया था और फिर 2018 विश्व चैंपियनशिप के खिताबी मुकाबले में भी उन्हें मात दी थी।
सिंधू ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो तुम कोर्ट पर पूरी तरह से चुनौतीपूर्ण थीं। लगातार चिल्लाना, खेल की रफ्तार और छोटी-छोटी योजना, ये किसी को भी परेशान कर सकती थीं। लेकिन तुम्हारा कौशल, खेल की तेजी और जुझारू जज्बा बेजोड़ था। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोग बड़े मुकाबले याद रखते हैं। और उस तीसरे सेट में शटल उठाने को लेकर हमारे बीच हुई तीखी नोक-झोंक को भी याद करते हैं। मैं मानती हूं कि उस दिन मैं गुस्से से भरी हुई थी। लेकिन कुछ महीनों बाद हमने मैड्रिड में एक साथ बैठकर कॉफी पी थी। हम बातें कर रही थीं और हंस रही थीं। उस समय हमारे बीच एक दूसरे के लिए केवल सम्मान का भाव था। यही वह कैरोलिना है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगी। ’’
उन्होंने लिखा, ‘‘हर मुकाबले, हर सीख और सबसे बढ़कर हमारी दोस्ती के लिए तुम्हारा शुक्रिया। कैरोलिना तुम्हें आगे के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ’’
सिंधू ने कहा, ‘‘बैडमिंटन को तुम्हारी कमी खलेगी और मुझे भी। ’’
मारिन ने तीन विश्व खिताब (2014, 2015, 2018), सात यूरोपियन खिताब और रियो 2016 में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते हैं।
भाषा नमिता मोना
मोना

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