माया शीर्ष स्तर पर खेलने के लिए जूनियर और पेशेवर प्रतियोगिताओं के बीच सामंजस्य बिठाना चाहती हैं
माया शीर्ष स्तर पर खेलने के लिए जूनियर और पेशेवर प्रतियोगिताओं के बीच सामंजस्य बिठाना चाहती हैं
नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) भारत की प्रतिभाशाली युवा टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती सीनियर सर्किट में धीरे-धीरे प्रवेश करने की अपनी योजना के तहत इस सत्र में जूनियर और पेशेवर टूर्नामेंटों के बीच सावधानीपूर्वक संतुलन कायम करना चाहती हैं।
सोलह वर्षीय माया इस साल जूनियर फ्रेंच ओपन में चुनौती पेश करेंगी। इस वर्ष उन्होंने मुख्य रूप से जूनियर सर्किट में ही भाग लिया है। उनकी कोचिंग टीम का कहना है कि यह कदम आत्मविश्वास बढ़ाने, मैच का अनुभव हासिल करने और पेशेवर प्रतियोगिताओं में बड़ा कदम उठाने से पहले मजबूत जूनियर रैंकिंग बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
स्पेन की ‘राफा नडाल अकादमी’ में पूर्णकालिक प्रशिक्षण ले रही माया ने कहा कि यूरोप के अधिक प्रतिस्पर्धी माहौल में खेलने से उनके विकास में तेजी आई है।
भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) द्वारा आयोजित वर्चुअल मीडिया वार्ता में माया ने कहा, “एक निश्चित स्तर पर, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कैसे प्रतिस्पर्धा करते हैं। यूरोप में आप हर दिन समान स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं और इससे आपको बहुत अनुभव मिलता है।”
वह अप्रैल में फ्रांस में ‘क्ले कोर्ट’ पर आयोजित जे300 प्रतियोगिता जीतने के अलावा स्पेन और मिस्र में कुछ टूर्नामेंटों में सेमीफाइनल तक पहुंचीं।
माया ने कहा, “हमारे लिए हर सप्ताह सुधार का अवसर होता है। साल की शुरुआत से ही हमारा यही लक्ष्य रहा है कि हम लगातार बेहतर होते रहें, अधिक मैच खेलें और टूर पर अधिक सहज महसूस करें।”
अकादमी में माया की कोच पोलिना ने बताया, “साल की शुरुआत में हमारा लक्ष्य था कि माया को अधिक मैच खेलने का मौका मिले और वह अपने खेल में सहज हो जाए, क्योंकि उसका खेल बहुत दमदार है। हमने ऑस्ट्रेलिया में जूनियर स्तर से शुरुआत की और फिर भारत में कुछ पेशेवर टूर्नामेंट खेले। हमारा मकसद था कि माया जूनियर टूर में बने रहे क्योंकि अच्छी जूनियर रैंकिंग से पेशेवर टूर्नामेंट में सीधे प्रवेश मिलता है।”
कोच के अनुसार, लंबी अवधि में लक्ष्य यह है कि माया अगले सत्र में मुख्य रूप से पेशेवर टूर्नामेंट खेले और बदलाव के दौर में जूनियर ग्रैंड स्लैम में भी हिस्सा लेती रहें।
पोलिना ने कहा, “हम दोनों तरह के टूर्नामेंट खेलना चाहते हैं। आदर्श रूप से अगले साल वह ज्यादातर पेशेवर टूर्नामेंट खेल सके।”
माया ने अपनी तरक्की का श्रेय भारत में अपने पूर्व कोच और राफा नडाल अकादमी के पेशेवर माहौल को दिया।
उन्होंने कहा, “यहां का माहौल बेहद पेशेवर है। आपके आस-पास कई पेशेवर खिलाड़ी होते हैं और आप उनसे हर दिन कुछ न कुछ सीखते हैं। शायद यही सबसे बड़ा फर्क है जो मैंने महसूस किया है।”
माया ने यह भी कहा कि उनका मुख्य ध्यान बड़ी सफलता हासिल कर रहे अन्य युवा खिलाड़ियों से तुलना करने के बजाय अपने व्यक्तिगत सुधार पर है।
उन्होंने कहा, “टेनिस में चीजें बहुत तेजी से बदलती हैं, इसलिए मेरे पास यह देखने का समय नहीं होता कि दूसरे खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल, मेरा ध्यान इस बात पर है कि मेरे लिए क्या सही है और क्या मुझे बेहतर प्रतिस्पर्धा करने में मदद करता है।”
पोलिना से जब पूछा गया कि क्या राफेल नडाल ने हाल के दिनों में किसी प्रशिक्षण सत्र के दौरान माया का खेल देखा और कोई सुझाव दिया, तो उन्होंने कहा, “जाहिर है, उन्हें माया का खेल बहुत पसंद आया और उन्होंने हमें कुछ तकनीकी सुझाव दिए। जैसे फोरहैंड सुधारने के लिए कुछ टिप्स और खेल की गति में सुधार। ये बहुत विशिष्ट तकनीकी बातें थीं। हम निश्चित रूप से इन चीजें पर हम हर दिन काम करते हैं। उनका मार्गदर्शन अद्भुत रहा क्योंकि बारीक चीजों पर उनकी नजर अविश्वसनीय है।”
भाषा आनन्द नमिता
नमिता

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