नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) हाल में संपन्न एशियाई सीनियर तलवारबाजी चैंपियनशिप में भारत को भले ही कोई पदक नहीं मिला, लेकिन मेजबान टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि रही कि देश की पुरुष फॉयल टीम ने आगामी एशियाई खेलों के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया।
भविष्य में यह उपलब्धि इस खेल में देश की उम्मीदों को मजबूत कर सकती है।
पहली बार भारत में आयोजित इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में 24 सदस्यीय भारतीय दल ने हिस्सा लिया और एशिया की दिग्गज तलवारबाजी टीमों के खिलाफ लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
भारतीय तलवारबाजों ने जापान और दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर दी। कई मुकाबलों में वे केवल एक-दो अंकों के अंतर से पदक से चूक गए जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय तलवारबाजी की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का पता चलता है।
भारतीय तलवारबाजी संघ (एफएआई) और भारतीय तलवारबाजी परिसंघ (एफसीए) के महासचिव राजीव मेहता ने कहा कि मेजबान टीम ने इस प्रतियोगिता से अहम अनुभव हासिल किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘पहली बार सीनियर एशियाई तलवारबाजी चैंपियनशिप की मेजबानी करना भारतीय खेलों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है जो भविष्य की दिशा तय करेगी। हमारे तलवारबाजों ने घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया और साबित किया कि वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकते हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘घरेलू दर्शकों के सामने विश्वस्तरीय दबाव में खेलने का यह अनुभव अहम रहा। पुरुष फॉयल टीम का सीधे क्वालीफाई करना हमारे खिलाड़ियों के लिए मजबूत नींव तैयार करता है। इससे उन्हें आगामी एशियाई खेलों में पदक की चुनौती पेश करने के लिए जरूरी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त, आत्मविश्वास और रणनीतिक परिपक्वता मिलेगी। ’’
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के पूर्व महासचिव मेहता ने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों को भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार करेगी।
एशिया में आठवें स्थान पर काबिज भारत की पुरुष फॉयल टीम ने टूर्नामेंट सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सचिन, सनासम हेमाश सिंह, तेजस मनोज पाटिल और आदित्य की चौकड़ी ने रिले मुकाबलों में शानदार रणनीतिक खेल दिखाते हुए शीर्ष आठ में जगह बनाई और एशियाई खेलों के लिए भारत का सीधा क्वालीफिकेशन सुनिश्चित किया।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में महिला फॉयल वर्ग में कनुप्रिया चावला ने भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उम्मीदों से बेहतर खेल दिखाते हुए उन्होंने नॉकआउट चरण में शानदार प्रदर्शन किया और एशिया में 20वां स्थान हासिल किया। उनकी साथी खिलाड़ी जॉयस अशिता स्टालिनराज (43वां), नाओरेम मीना देवी (45वां) और सोनिया देवी वाइखोम (46वां) ने भी शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ खेलकर अनुभव अर्जित किया।
पुरुष फॉयल व्यक्तिगत स्पर्धा में सचिन ने 25वें स्थान के साथ भारतीय खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। सनासम हेमाश सिंह, आदित्य और तेजस मनोज पाटिल ने पूल चरण में अच्छा खेल दिखाया, लेकिन बाद में ऊंची रैंकिंग वाले खिलाड़ियों के खिलाफ हारकर बाहर हो गए।
महिला फॉयल टीम ने भी कनुप्रिया के व्यक्तिगत प्रदर्शन की लय को टीम स्पर्धा में बरकरार रखा और शीर्ष आठ से ठीक बाहर रही। हालांकि टीम को अधिक कठिन और उच्च स्तर के मुकाबलों का सामना करना पड़ा, लेकिन उसने लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक चक्र के लिए महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक हासिल किए।
भाषा नमिता आनन्द
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