… पूनम मेहरा…
नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) खेल मंत्रालय ने 23 जुलाई से ग्लास्गो में शुरू होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 191 सदस्यीय भारतीय दल को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। इस दल में 126 खिलाड़ी और 51 टीम अधिकारी शामिल हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की कार्यकारी समिति के निर्वाचित सदस्यों की यात्रा एवं अन्य व्यय का वहन सरकार नहीं करेगी। यहां जारी अधिसूचना के अनुसार, दल के भारत लौटने के 30 दिनों के भीतर खेल मंत्रालय को खिलाड़ियों के प्रदर्शन की विस्तृत रिपोर्ट प्रतियोगिताओं से संबंधित फोटो के साथ प्रस्तुत करनी होगी। भारतीय दल में कुल 126 खिलाड़ी शामिल हैं जिनमें 78 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया, ‘‘कोई व्यक्ति अगर आईओए की कार्यकारी समिति, किसी राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) अथवा किसी अन्य खेल निकाय में निर्वाचित पद पर है और उसका नाम टीम अधिकारियों की सूची में शामिल किया गया है तो उसकी यात्रा एवं अन्य खर्च का वहन सरकार नहीं करेगी।’’ मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि ‘टीम अधिकारी’ की श्रेणी में कोच, सहयोगी स्टाफ, चिकित्सा दल तथा दल के अन्य अधिकारी शामिल होंगे। भारतीय दल के प्रमुख रोहित राजपाल ही ऐसे एकमात्र अधिकारी हैं जो आईओए की कार्यकारी समिति के सदस्य भी हैं। ऐसे में अगर मंत्रालय का यह निर्देश उन पर लागू होता है तो ग्लास्गो में उनके प्रवास का खर्च सरकार वहन नहीं करेगी। मंत्रालय ने एक बार फिर राष्ट्रीय खेल महासंघों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने दलों के सभी सदस्यों का पृष्ठभूमि सत्यापन (बैकग्राउंड जांच) अनिवार्य रूप से कराएं क्योंकि अतीत में ‘कुछ अधिकारियों और खिलाड़ियों के विदेशों में लापता हो जाने की घटनाओं को देखते हुए यह कदम आवश्यक है’। स्वीकृत सूची के अनुसार नीरज चोपड़ा की अगुवाई वाली 32 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में 10 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। इसके साथ सबसे बड़ा सहयोगी दल भेजा जाएगा। इस दल के सहयोगी स्टाफ का नेतृत्व मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर करेंगे। इसके बाद मुक्केबाजी दल का स्थान है जिसके लिए आठ सदस्यीय सहयोगी दल को मंजूरी दी गई है। एथलेटिक्स दल के साथ पांच कोच, दो फिजियोथेरेपिस्ट, एक चिकित्सक और दो अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ भी ग्लास्गो जाएंगे। मुक्केबाजी दल के सहयोगी स्टाफ में खेल मनोवैज्ञानिक मैथिली भूपतानी को भी शामिल किया गया है। कोचिंग समूह का नेतृत्व स्वीडन के सैंटियागो नीवा करेंगे, जबकि मंदाकिनी चानू कोचिंग दल में शामिल एकमात्र महिला हैं। भारत की ओर से ग्लास्गो में सात महिलाएं समेत 14 मुक्केबाज पदक के मजबूत दावेदार के रूप में चुनौती पेश करेंगे। मीराबाई चानू की अगुवाई वाली 12 सदस्यीय भारोत्तोलन टीम के साथ चार कोच और दो अतिरिक्त अधिकारी होंगे जिनमें एक फिजियोथेरेपिस्ट भी शामिल है। पांच सदस्यीय भारतीय तैराकी दल के प्रबंधन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी निहार अमीन और संदीप सेजवाल संभालेंगे। मंत्रालय ने पैरा-खेलों के दल के लिए 42 सदस्यीय सहयोगी स्टाफ को भी मंजूरी दी है। इसमें एथलेटिक्स को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व मिला है। 11 सदस्यीय एथलेटिक्स पैरा दल के लिए तीन टीम अधिकारियों को शामिल किया गया है। लागत में कटौती के कारण ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन काफी सीमित स्तर पर किया जा रहा है। इसका असर भारत के पदक प्रदर्शन पर पड़ने की संभावना है। इस बार निशानेबाजी, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और क्रिकेट जैसी वे पारंपरिक पदक दिलाने वाली स्पर्धाएं शामिल नहीं हैं जिनमें भारत का प्रदर्शन आमतौर पर मजबूत रहा है। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में केवल 10 सामान्य वर्ग की और छह पैरा स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। भारत सामान्य वर्ग की नौ स्पर्धाओं और पैरा वर्ग की पांच स्पर्धाओं में हिस्सा लेगा। भाषा आनन्द नमितानमिता