मंत्रालय ने एनसीएसएसआर से खिलाड़ियों फिटनेस टेस्ट के लिए मानक प्रक्रिया तैयार करने को कहा

मंत्रालय ने एनसीएसएसआर से खिलाड़ियों फिटनेस टेस्ट के लिए मानक प्रक्रिया तैयार करने को कहा

मंत्रालय ने एनसीएसएसआर से खिलाड़ियों फिटनेस टेस्ट के लिए मानक प्रक्रिया तैयार करने को कहा
Modified Date: March 12, 2026 / 01:08 pm IST
Published Date: March 12, 2026 1:08 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) खेल मंत्रालय ने भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के चिकित्सा मूल्यांकन का मानकीकरण करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खेल विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र (एनसीएसएसआर) को निश्चित अवधि में फिटनेस समीक्षा के लिए प्रत्येक खेल के लिए विशिष्ट प्रोटोकॉल तैयार करने का निर्देश दिया है, जिसे राष्ट्रीय खेल संग्रह प्रणाली पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा।

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को लिखे पत्र में मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) पूरी प्रक्रिया का समन्वय करेगा।

पत्र में कहा गया है, ‘‘खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के एकीकरण को महत्व देने वाली खेलो भारत नीति 2025 के नीतिगत ढांचे के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के लिए एक मानकीकृत, गतिशील और मजबूत तंत्र शुरू करने का फैसला किया गया है।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और राष्ट्रीय खेल विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र (एनसीएसएसआर) संबंधित एनएसएफ के समन्वय से प्रत्येक खेल के लिए विशिष्ट फिटनेस प्रोटोकॉल और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेंगे। साइ इन्हें अंतिम रूप देने के बाद इनके कार्यान्वयन के लिए एनएसएफ को सलाह देगा।’’

अभी लक्ष्य ओलंपिक पोडियम कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले विशिष्ट खिलाड़ियों के फिटनेस मूल्यांकन की देखरेख मिशन ओलंपिक सेल करता है। राष्ट्रीय महासंघ भी शिविरों के दौरान ऐसे मूल्यांकन करते हैं। लेकिन एक बार जब एनसीएसएसआर इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर लेगा, तो यह संस्था इस प्रक्रिया की एकमात्र नियामक भी बन जाएगी।

पत्र के अनुसार, ‘‘एनसीएसएसआर फिटनेस प्रोटोकॉल और मानक संचालन प्रक्रिया की वैज्ञानिक तरीके से निगरानी, ​​सत्यापन और आवधिक समीक्षा के लिए जिम्मेदार होगा। एनएसएफएस यह सुनिश्चित करेगा कि खिलाड़ियों का फिटनेस मूल्यांकन निर्धारित किए गए खेल विशिष्ट परीक्षण प्रोटोकॉल के अनुसार ही किया जाए, जिसमें खिलाड़ियों की सहमति और चिकित्सा सुरक्षा शामिल है। यह मूल्यांकन एनसीएसएसआर के केंद्रों में किया जाएगा।’’

पत्र में इसके कार्यान्वयन के लिए कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई है।

इसमें कहा गया है, ‘‘इस प्रकार के सभी मूल्यांकन डाटा को राष्ट्रीय खेल संग्रह प्रणाली (एनएसआरएस) पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।’’

इसके अलावा एनएसएफ को साइ के परामर्श से अपनी-अपनी वेबसाइटों पर वार्षिक फिटनेस परीक्षण कैलेंडर जारी करने के लिए भी कहा गया है।

मंत्रालय ने एनएसएफ को यह भी निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि खिलाड़ी जो भी खाद्य पूरक की खरीदारी करते हैं उससे पहले उसकी राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और-या राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) में जांच की जाए।

मंत्रालय ने कहा कि यह कदम ‘‘दूषित, मिलावटी या गलत लेबल वाले पोषण संबंधी सप्लीमेंट्स से खिलाड़ियों का प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन के जोखिम को कम करने‘‘ के उद्देश्य से उठाया गया है।

भारत में डोपिंग की समस्या बहुत गंभीर है और पिछले तीन वर्षों से विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के वार्षिक परीक्षण आंकड़ों में पॉजिटिव पाए जाने वाले नमूनों की दर के मामले में भारत शीर्ष पर रहा है।

भाषा

पंत

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