मां की डांट ने ईशा पर से फाइनल का दबाव हटाने में की मदद
मां की डांट ने ईशा पर से फाइनल का दबाव हटाने में की मदद
(अजय मसंद)
नागोया, 28 सितंबर (भाषा) एशियाई खेलों में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल से पहले ईशा सिंह काफी दबाव में थी लेकिन मां से समय पर मिली डांट उनके लिये वरदान साबित हुई और उन्होंने रजत पदक जीता ।
21 वर्ष की ईशा ने रोमांचक फाइनल में जबर्दस्त मानसिक दृढता और शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन किया ।
पिछली बार हांगझोउ में चार पदक जीत चुकी ईशा ने कहा ,‘‘ मैं झूठ नहीं बोलूंगी । काफी दबाव में थी और सो नहीं पा रही थी । फिर मां से हुई बात ने सब कुछ बदल दिया । उन्होंने कल रात फोन किया और डांटने लगी कि इतना तनाव क्यों ले रही हो ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ मां ने मुझसे कहा कि खेल का आनंद लो । सभी को यह मौका नहीं मिलता । मुझे लगता है कि वह डांट जरूरी थी । मैं हमदर्दी तलाश रही थी और मुझे भाषण मिल गया । उन्होंने मुझे चुपचाप सोने के लिये कहा ।’’
ईशा ने एलिमिनेशन के करीब पहुंचकर वापसी करते हुए लगातार शूटआफ खेलकर दूसरा स्थान हासिल किया ।
भाषा मोना सुधीर
सुधीर

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