विथ्या ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता

विथ्या ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता

विथ्या ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता
Modified Date: September 28, 2026 / 05:01 pm IST
Published Date: September 28, 2026 5:01 pm IST

नागोया, 28 सितंबर (भाषा) भारत की विथ्या रामराज ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों की महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता लेकिन लंबी दूसरी के धावक अविनाश साबले पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहते हुए चौथे स्थान पर रहे।

विथ्या ने 54.75 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता और महान धाविका पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उनका मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है। वह इससे पहले चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं।

कोयंबटूर की 28 वर्षीय विथ्या संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। मरियम ने 54.31 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि एडेलिना ने 54.58 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक हासिल किया।

विथ्या ने उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। उषा वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष हैं और एशियाई खेलों के लिए यहां मौजूद हैं।

विथ्या ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘‘पदक हमारे हाथ में है लेकिन समय हमारे हाथ में नहीं होता। यह दौड़ ना तो कल होगी और ना ही बीते कल हुई थी। आज हमारा दिन था इसलिए मेरा ध्यान पदक पर नहीं बल्कि समय पर था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कोच ने कहा था कि हम 54 सेकेंड का समय निकालेंगे। मैंने ऐसा किया और मैं बहुत खुश हूं। समय इतना अच्छा रहा इसलिए मैं बेहद खुश हूं।’’

विथ्या ने कहा, ‘‘हर कोई मेरे से इस बारे में पूछ रहा था क्योंकि मैं तीन साल से 55 सेकेंड से कम का समय नहीं निकाल पाई थी। मेरे कोच नेहपाल सिंह राठौड़ ने मुझे तेज शुरुआत करने और छठी बाधा तक अपनी गति बनाए रखने को कहा था। छठी बाधा से फिनिश लाइन तक मैंने पूरी ताकत लगा दी।’’

इसी स्पर्धा में भारत की अनु राघवन पांचवें स्थान पर रहीं। उन्होंने 55.88 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

चोटों से जूझने वाले साबले ने इसके बाद अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहे। वह पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में चौथे स्थान पर रहे।

महाराष्ट्र के 32 साल के दो बार के ओलंपियन साबले ने आठ मिनट 21.67 सेकेंड का समय निकाला। वह स्वर्ण पदक विजेता जापान के रयूजी मियुरा से 4.31 सेकेंड पीछे रहे। मियुरा ने आठ मिटन 17.36 सेकेड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

मियुरा के हमवतन रयोमा आओकी ने आठ मिनट 17.60 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक जीता जबकि कतर के जकारिया अलहलामी ने आठ मिनट 18.13 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में संतोष कुमार तमिलारासन ने 49.95 सेकेंड का समय निकालकर आठ खिलाड़ियों के फाइनल में सातवां स्थान हासिल किया।

इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण ने महिलाओं के चक्का फेंक के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन चौथे स्थान पर रहीं।

सीमा ने अपने पांचवें प्रयास में 59.88 मीटर की दूरी तक चक्का फेंका लेकिन यह पदक के लिए पर्याप्त नहीं था। तीनों पदक विजेताओं के सर्वश्रेष्ठ प्रयास 60 मीटर से अधिक रहे।

भाषा सुधीर मोना

मोना


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