नीरू धांडा ने लोनेटो शॉटगन विश्व कप के महिला ट्रैप का स्वर्ण पदक जीता

नीरू धांडा ने लोनेटो शॉटगन विश्व कप के महिला ट्रैप का स्वर्ण पदक जीता

नीरू धांडा ने लोनेटो शॉटगन विश्व कप के महिला ट्रैप का स्वर्ण पदक जीता
Modified Date: July 11, 2026 / 10:14 pm IST
Published Date: July 11, 2026 10:14 pm IST

लोनाटो (इटली) 11 जुलाई (भाषा) एशियाई चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता नीरू धांडा ने शनिवार को यहां आईएसएसएफ विश्व कप की महिला ट्रैप स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का पहला व्यक्तिगत विश्व कप स्वर्ण पदक जीत लिया।

इसके साथ ही उन्होंने इस वर्ष वैश्विक स्तर पर शॉटगन स्पर्धाओं में भारत के व्यक्तिगत पदक के इंतजार को भी समाप्त कर दिया।

पिछले वर्ष एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण और इस साल आईएसएसएफ विश्व कप मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य जीतने वाली 26 वर्षीय नीरू के करियर की यह अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने लगातार दो दिन बेहतरीन निशानेबाजी का प्रदर्शन किया।

मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन नीरू ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 30 में से 27 निशाने साधकर विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ दिया।

फ्रांस की पूर्व विश्व चैंपियन कैरोल कॉर्मेनियर 25 अंकों के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहीं, जबकि मेजबान इटली की एरिका सेसा ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

नीरू ने क्वालिफिकेशन में भी शीर्ष स्थान हासिल किया था। उन्होंने पहले दिन के पहले तीन दौर में सभी 75 निशाने साधे थे। इसके बाद चौथे और पांचवें दौर में केवल दो-दो निशाने चूकीं और 125 में से 121 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान के साथ फाइनल में प्रवेश किया।

क्वालिफिकेशन बेहद प्रतिस्पर्धी रहा, जहां दो निशानेबाजों ने 120 अंक बनाए जबकि आठ खिलाड़ियों के फाइनल में शेष स्थान तय करने के लिए पांच खिलाड़ियों के बीच शूट-ऑफ हुआ।

भारत की दूसरी निशानेबाज मनीषा कीर 125 में 117 अंक के साथ 10वें स्थान पर रहीं और फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं जबकि आशिमा अहलावत 106 निशानेबाजों के बीच संयुक्त 80वें स्थान पर रहीं।

इस वर्ष जापान में होने वाले एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रही नीरू ने फाइनल में भी अपनी शानदार लय बरकरार रखी। उन्होंने केवल तीन निशाने (दूसरा, 13वां और 25वां) गंवाए और अपने पहले विश्व कप स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

भारत के पुरुष ट्रैप निशानेबाजों का प्रदर्शन एक बार फिर निराशाजनक रहा। एशियाई खेलों से पहले अपने अंतिम अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में कोई भी भारतीय चुनौती पेश नहीं कर सका।

अहवर रिजवी ने क्वालिफिकेशन में 125 में से 118 अंक बनाकर 208 प्रतिभागियों में संयुक्त 40वां स्थान हासिल किया। अनुभवी किनान चेनाई, जो एशियाई खेलों की भारतीय टीम का भी हिस्सा हैं, 116 अंकों के साथ संयुक्त 71वें स्थान पर रहे।

शपथ भारद्वाज का प्रदर्शन भी निराशाजनक वह 113 अंकों संयुक्त 106वें स्थान पर रहे।

भाषा आनन्द आनन्द

आनन्द


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