एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स: शिवाजी ने जीता दूसरा रजत, तीसरे दिन भारत ने जोड़े तीन पदक

एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स: शिवाजी ने जीता दूसरा रजत, तीसरे दिन भारत ने जोड़े तीन पदक

एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स: शिवाजी ने जीता दूसरा रजत, तीसरे दिन भारत ने जोड़े तीन पदक
Modified Date: July 11, 2026 / 09:08 pm IST
Published Date: July 11, 2026 9:08 pm IST

ओर्डोस (चीन) 11 जुलाई (भाषा) लंबी दूरी के प्रतिभाशाली धावक शिवाजी परशुराम ने शनिवार को यहां पहली एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना दूसरा पदक हासिल किया।

भारत ने चैंपियनशिप के तीसरे दिन तीन पदक अपने नाम किए, जिससे उसकी कुल पदक संख्या 11 हो गई। चक्का फेंक की खिलाड़ी प्रिया और 400 मीटर बाधा दौड़ धाविका श्रावणी सांगले ने कांस्य पदक जीते।

शिवाजी ने प्रतियोगिता के शुरुआती दिन पुरुषों की 5,000 मीटर दौड़ में भी रजत पदक हासिल किया था। 10,000 मीटर की कठिन 25 लैप वाली दौड़ में भारतीय धावक लंबे समय तक स्वर्ण पदक की होड़ में बने रहे, लेकिन अंत में उन्होंने 29:33.54 के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक पर संतोष किया।

जापान के योशिहिरो कुसुओका ने 29:29.34 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के जिंझी जियांग ने 29:42.54 के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। भारत के शैलेश कुशवाहा 30:46.78 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे और मामूली अंतर से पदक से चूक गए।

महिलाओं की चक्का फेंक में प्रिया ने 50.44 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने यह दूरी अपने तीसरे प्रयास में हासिल की। महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में श्रावणी सांगले ने 58.09 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

अन्य भारतीय खिलाड़ियों में महिला चक्का फेंक में अनुप्रिया वीएस 14.97 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं। महिला 100 मीटर बाधा दौड़ में श्रेया राजेश 13.49 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं, जबकि सबिता टोप्पो 13.73 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।

पुरुषों की लंबी कूद में मोहम्मद अट्टा साजिद 7.72 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ पांचवें स्थान पर रहे। पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में अस्तिक प्रधान 46.33 सेकंड के समय के साथ पांचवें और सेतु मिश्रा 47.26 सेकंड के साथ सातवें स्थान पर रहे।

भाषा आनन्द

आनन्द


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