नेट गेंदबाज: आईपीएल में बल्लेबाजी में धमाकेदार प्रदर्शन के गुमनाम सूत्रधार

नेट गेंदबाज: आईपीएल में बल्लेबाजी में धमाकेदार प्रदर्शन के गुमनाम सूत्रधार

नेट गेंदबाज: आईपीएल में बल्लेबाजी में धमाकेदार प्रदर्शन के गुमनाम सूत्रधार
Modified Date: May 22, 2026 / 12:57 pm IST
Published Date: May 22, 2026 12:57 pm IST

(एम आर मिश्रा)

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की पहचान बन चुके लंबे छक्के, साहसिक स्कूप शॉट और आखिरी ओवरों में होने वाली ताबड़तोड़ बल्लेबाजी में नेट गेंदबाजों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है लेकिन टेलीविजन की चकाचौंध से दूर होने के कारण उन्हें वह श्रेय नहीं मिलता जिसके वह हकदार हैं।

जहां एक तरफ फ्रेंचाइजी के सुपरस्टार करोड़ों रुपये कमाते हैं और सुर्खियों में छाए रहते हैं, वहीं दूसरी ओर गुमनाम युवा तेज गेंदबाजों और स्पिनरों की एक फौज हफ्तों तक अभ्यास नेट में गेंदें फेंकती रहती है और क्रिकेट की सबसे आकर्षक लीग में से एक में महत्वपूर्ण अभ्यास साझेदार के रूप में काम करती है।

कई खिलाड़ियों के लिए यह क्रिकेट का सबसे अनोखा प्रशिक्षण होता है। उन्हें इस खेल के सबसे बड़े खिलाड़ियों को लगातार गेंदबाजी करनी होती है। इस दौरान उन्हें अक्सर जसप्रीत बुमराह के यॉर्कर, सुनील नारायण की रहस्यमयी स्पिन या मिचेल स्टार्क की बाएं हाथ की तूफानी गेंदों की नकल करने के लिए कहा जाता है।

इसके लिए उन्हें आईपीएल की मानकों के हिसाब से मामूली दैनिक भत्ता मिलता है लेकिन करियर के लिहाज से यह काफी महत्वपूर्ण होता है। उनका एकमात्र सपना पेय पदार्थ और अतिरिक्त गेंदें ढोने के बजाय किसी फ्रेंचाइजी की जर्सी पहनना होता है।

आईपीएल फ्रेंचाइजी आमतौर पर अपने साथ तीन से पांच विशेषज्ञ नेट गेंदबाज रखती हैं। इसके अलावा मेजबान राज्य संघों और क्लब भी विभिन्न स्थानों पर स्थानीय गेंदबाजों की व्यवस्था करते हैं। आईपीएल मानकों के हिसाब से उनकी कमाई मामूली होती है। उन्हें प्रतिदिन लगभग 5,000 से 7,000 रुपये मिलते हैं लेकिन इससे मिलने वाला अनुभव अमूल्य होता है।

कर्नाटक के तेज गेंदबाज जेवी कार्तिक ने कहा, ‘‘मैंने कभी पैसों के लिए नेट पर गेंदबाजी नहीं की। यह इतने महान बल्लेबाजों को गेंदबाजी करने और अनुभव हासिल करने का दुर्लभ अवसर होता है। यही सबसे बड़ा प्रोत्साहन है और यही मायने रखता है।’’

कई अन्य नेट गेंदबाजों के लिए कुछ और असली इनाम भी होते हैं। इनमें भारत के सीनियर खिलाड़ियों के साथ बातचीत, किसी प्रसिद्ध गेंदबाजी कोच से तकनीकी सलाह या बस स्टार बल्लेबाजों के खिलाफ खुद को परखने का अवसर शामिल है।

और आईपीएल में किस्मत अचानक पलट सकती है।

हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारत की टीम में शामिल किए गए लंबे कद के गुरनूर बराड़ इसका स्पष्ट उदाहरण हैं।

सबसे पहले उन्हें पंजाब किंग्स ने नेट अभ्यास के लिए बुलाया। पंजाब किंग्स के तत्कालीन कप्तान शिखर धवन उनकी छह फीट पांच इंच की कद-काठी से मिलने वाली मदद से प्रभावित हुए और फ्रेंचाइजी ने उन्हें अपने साथ शामिल कर लिया। उन्होंने पंजाब किंग्स के लिए सिर्फ एक मैच खेला, लेकिन उन्हें लोकप्रियता मिली और अगले एक साल तक वह टीम इंडिया के नियमित नेट गेंदबाज बन गए। एक अन्य भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने भी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने से पहले नेट गेंदबाज के रूप में शुरुआत की थी।

चेतन सकारिया की कहानी भी कुछ इसी तरह की है।

भारतीय टीम में शामिल होने से पहले इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स जैसी फ्रेंचाइजी के साथ नेट गेंदबाज के रूप में काम किया।

सकारिया ने कहा, ‘‘मुझे मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स दोनों के नेट पर ट्रायल का मौका मिला था। लेकिन मेरे लिए वह एक अद्भुत क्षण था जब रॉयल्स ने मुझे नीलामी में खरीदा।’’

सकारिया की कहानी अब आईपीएल के इतिहास का हिस्सा बन चुकी है, लेकिन वह अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं।

उमरान मलिक ने सबसे पहले 2021 के सत्र के दौरान दुबई में सनराइजर्स हैदराबाद के नेट अभ्यास में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें भारतीय तेज गेंदबाज टी नटराजन के चोटिल होने के बाद टीम में शामिल कर दिया गया।

बाएं हाथ के स्पिनर कुमार कार्तिकेय पहले मुंबई इंडियंस के लिए नेट गेंदबाज थे, लेकिन 2022 में अरशद खान को चोट लगने के बाद उन्हें टीम में शामिल कर दिया गया। आकाश मधवाल ने भी आरसीबी और मुंबई दोनों के लिए नेट गेंदबाज की भूमिका निभाई थी। बाद में मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर दिया।

नेट गेंदबाजों का चयन भी आसानी से नहीं होता। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के घरेलू टूर्नामेंटों जैसे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में प्रदर्शन, राज्यों की लीग में प्रभावशाली खेल और प्रतिभा खोजने वाले कोच की सिफारिशें अक्सर यह निर्धारित करती हैं कि किसे मौका मिलेगा।

केकेआर के हेड स्काउट और जाने-माने फील्डिंग कोच बिजू जॉर्ज ने नेट गेंदबाजों के चयन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम विभिन्न राज्य स्तरीय प्रीमियर लीग के दौरान खिलाड़ियों पर नज़र रखते हैं। देश भर में लगभग 19 राज्य स्तरीय लीगें चल रही हैं। एक बार जब हमें कोई ऐसा गेंदबाज मिल जाता है जिसमें अच्छी गति, विविधता और जज्बा हो, तो हम यह जानकारी टीम के कोचिंग स्टाफ को दे देते हैं। इसके बाद उन्हें ट्रायल के लिए बुलाया जाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ट्रायल के दौरान हम उन्हें मैच जैसी परिस्थितियों में रखते हैं ताकि उनके कौशल का अच्छी तरह से आकलन किया जा सके। अगर प्रबंधन को लगता है कि कोई खिलाड़ी उनकी जरूरतों के हिसाब से उपयुक्त है तो टीम उसे नीलामी में खरीद लेती है।’’

ग्लैमर, नीलामी और भारी भरकम धनराशि वाले इस टूर्नामेंट में नेट गेंदबाज क्रिकेट के गुमनाम योद्धा बने हुए हैं। यह युवा खिलाड़ी सुर्खियों से दूर खड़े हैं और उस फोन कॉल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जो उन्हें अभ्यास साथी से आईपीएल क्रिकेटर में बदल सकता है।

(हमारे बेंगलुरु के वरिष्ठ खेल संवाददाता जी उन्नीकृष्णन ने इस रिपोर्ट में योगदान दिया)

भाषा

पंत

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