सौरभ और चाहर की फिरकी के आगे न्यूजीलैंड ए की पारी 237 रन पर सिमटी

सौरभ और चाहर की फिरकी के आगे न्यूजीलैंड ए की पारी 237 रन पर सिमटी

सौरभ और चाहर की फिरकी के आगे न्यूजीलैंड ए की पारी 237 रन पर सिमटी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: September 16, 2022 6:39 pm IST

बेंगलुरु, 16 सितंबर (भाषा) बायें हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार के चार और लेग स्पिनर राहुल चाहर के तीन विकेट से भारत ए ने तीन मैचों की अनौपचारिक टेस्ट श्रृंखला के आखिरी मुकाबले के दूसरे दिन न्यूजीलैंड ए की पारी 71.3 ओवर में 237 रन पर समेट दी।

सौरभ ने 17.2 ओवर में 48 रन देकर चार विकेट लिए जबकि चाहर ने 14 ओवर में 53 रन देकर दो विकेट झटके।

दिन का खेल खत्म होने तक भारत ए ने एक विकेट पर 40 रन बना लिये। जिससे उसकी कुल बढ़त 96 रन की हो गयी। स्टंप्स के समय कप्तान प्रियांक पांचाल 17 और पहली पारी में शतक लगाने वाले रुतुराज गायकवाड़ 18 रन बनाकर खेल रहे थे।

मैच के शुरुआती दिन भारत ए की पारी को 293 रन पर समेटने के बाद न्यूजीलैंड ए ने दूसरे दिन अपनी पहली पारी शुरु की। टीम ने शुरुआती 13 ओवरों में 28 रन तक तीन विकेट गंवा दिये जिसमें बंगाल के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार (16 ओवर में 48 रन) ने दो और भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके शारदुल ठाकुर (14 ओवर में 33 रन) ने एक विकेट लिया।

चाहर ने इसके बाद कप्तान टॉम ब्रूस (13) और डेन क्लीवर (34) के विकेट चटकाये जिससे 100 रन से पहले न्यूजीलैंड ए की आधी टीम पवेलियन पहुंच गयी।  

इसके बाद मार्क चैपमैन (92) और सीन सोलिया (54) ने अर्धशतकीय पारियां खेलने के साथ छठे विकेट के लिए 214 रन की साझेदारी कर टीम की पारी को संवारा।

दोनों ने सहजता के साथ बल्लेबाजी करते हुए हर गेंदबाज के खिलाफ रन बटोरे। चैपमैन इस दौरान ज्यादा आक्रामक रहे जिन्होंने 115 गेंद की साझेदारी में आठ चौके और दो छक्का लगाया। 

सोलिया ने 111 गेंद की संयमित पारी में सात चौके लगाये।

सौरभ ने चैपमैन को रजत पाटीदार के हाथों कैच कराकर यह साझेदारी तोड़ी, जिसके बाद टीम की पारी लड़खड़ा गयी।

टीम ने 24 रन के अंदर आखिरी के पांच विकेट गंवा दिये।

तेज गेंदबाज उमरान मलिक को कोई सफलता नहीं मिली। उन्होंने 10 ओवर में 54 रन दिये।

भारत की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। अभिमन्यु ईश्वरन चार रन बनाकर सोलिया की गेंद पर पगबाधा हो गये।

इसके बाद पांचाल और गायकवाड़ ने टीम को कोई और नुकसान नहीं होने दिया।

श्रृंखला के शुरुआती दो मैच ड्रॉ रहे।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता


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