नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) मुख्य कोच सैंटियागो नीवा ने भारतीय महिला टीम को एशियाई चैंपियनशिप के लिए बखूबी तैयार कर दिया है जिसमें उनका लक्ष्य मजबूत ‘गार्ड’ से खेलना है।
नीवा की कोशिश छोटे लेकिन अहम सुधारों पर लगी है ताकि इसका प्रदर्शन पर गहरा असर पड़े।
अर्जेंटीना में जन्मे और स्वीडन के रहने वाले नीवा ने इस साल की शुरुआत में ही भारतीय महिला टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली है। अब 2026 का कैलेंडर काफी व्यस्त है जिसमें एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल शामिल हैं।
साल का उनका पहला बड़ा टूर्नामेंट एशियाई चैंपियनशिप है जो रविवार से मंगोलिया के उलानबटोर में शुरू हो रही है।
नीवा के लिए सबसे बड़ी चिंता यह रही है कि महिलाओं के मुकाबले अक्सर हाथापाई वाले और कुश्ती जैसे बन जाते हैं।
उन्होंने उलानबटोर से पीटीआई को बताया, ‘‘अभी मुक्केबाजी में विशेषकर महिलाओं की मुक्केबाजी में मुकाबले थोड़े बेतरतीब हो जाते हैं। मुकाबलों में कुश्ती जैसी स्थिति बन जाती है। इससे किस तरह बचा जाए, इस बात पर बहुत काम किया है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि इसमें कुछ तकनीकी पहलू हैं और इससे निपटने का एक तरीका है। आप इसे शत प्रतिशत खत्म तो नहीं कर सकते, लेकिन 80 प्रतिशत या इससे ज्यादा खत्म कर सकते हैं। पूरा जोर तकनीकी अनुशासन पर रहा है। ’’
नीवा ने कहा, ‘‘महिला मुक्केबाजी में गार्ड को मजबूत रखना अहम है, जब आपे पैर आपको नहीं बचा सकते तो मजबूत गार्ड से आप काफी अंतर ला सकते हो। इसका दूसरा पहलू मजबूत गार्ड से डिफेंस को सुधारना है। कभी कभार ये सरल चीजें भी अंतर ला सकती हैं। ’’
भाषा नमिता मोना
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