सिलहट (बांग्लादेश), 10 जनवरी (भाषा) बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने शुक्रवार को कहा कि बोर्ड को आगामी टी20 विश्व कप के लिए भारत में होने वाले मैचों को लेकर अपनी चिंताओं के बारे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है और उन्होंने दोहराया कि बीसीबी के रुख में कोई बदलाव नहीं होगा।
बांग्लादेश ने सात फरवरी से शुरू होने वाले टूर्नामेंट के लिए सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत का दौरा करने में हिचकिचाहट व्यक्त की है और अपने मुकाबलों को सह मेजबान श्रीलंका में स्थानांतरित करने की मांग की है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की खबरों के बीच बीसीसीआई के निर्देशों पर आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स से बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के बाद बीसीबी ने ये मांग की।
बुलबुल ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘हमें अभी तक आईसीसी से कोई जवाब नहीं मिला है। हमने अपनी चिंताओं के लिए सभी सबूत भेज दिए हैं। ’’
उन्होंने कहा कि बोर्ड ने आईसीसी को अपना रुख स्पष्ट रूप से बता दिया है और इस बात पर जोर दिया कि मैचों को भारत में किसी अन्य शहर में स्थानांतरित करने से उनकी चिंताओं का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि बोर्ड कोई भी कदम उठाने से पहले आईसीसी के जवाब का इंतजार करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार भारत में कोई भी वैकल्पिक स्थान भारत में ही है। आप सभी जानते हैं कि कोई भी एकतरफा फैसला नहीं लिया जा सकता है और हमें सरकार के फरमान का पालन करना होगा। हम वहीं खड़े हैं जहां हम कुछ दिन पहले थे। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक आईसीसी अपना जवाब नहीं भेजता, तब तक मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता कि अगर हमें श्रीलंका में खेलने की अनुमति नहीं दी जाती है तो हम क्या करेंगे। ’’
बांग्लादेश को अपने ग्रुप के तीन मैच कोलकाता में और एक मुंबई में खेलना है।
बुलबुल ने यह भी कहा कि उन्हें उन रिपोर्टों के बारे में पता नहीं है जिनमें हैदराबाद और चेन्नई को संभावित वैकल्पिक स्थानों के रूप में सुझाया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हैदराबाद और चेन्नई के वैकल्पिक स्थानों के बारे में नहीं सुना है। हमें शायद सोमवार या मंगलवार को पता चल जाएगा। ’’
पूर्व कप्तान तमीम इकबाल से जुड़े हालिया विवाद पर बात करते हुए बुलबुल ने कहा कि बीसीबी के एक निदेशक का सीनियर क्रिकेटर को सार्वजनिक रूप से ‘गद्दार’ कहना उनकी निजी राय थी और उन्होंने संबंधित अधिकारी से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।
उन्होंने कहा, ‘यह निदेशक की निजी राय थी और मैंने उनसे स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। तमीम ने बहुत कुछ हासिल किया है और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपनी राय देते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए था। ’’
भाषा नमिता पंत
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