मशहूर नहीं हुआ हूं, मैं वैसा ही बने रहने की कोशिश कर रहा हूं जैसा मैं पहले था: हिंगे
मशहूर नहीं हुआ हूं, मैं वैसा ही बने रहने की कोशिश कर रहा हूं जैसा मैं पहले था: हिंगे
बेंगलुरु, 23 अप्रैल (भाषा) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में शानदार पदार्पण से अचानक मिली शोहरत से प्रफुल हिंगे में जरा भी बदलाव नहीं आया है और सनराइजर्स हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज का मानना है कि उन्होंने अपने करियर में अभी शुरूआत ही की है।
हाल में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने पहले आईपीएल मैच में हिंगे ने अपने पहले दो ओवरों में ही वैभव सूर्यवंशी, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रियान पराग और ध्रुव जुरेल को आउट कर दिया। उनके चार विकेटों की बदौलत सनराइजर्स ने 57 रन से जीत दर्ज की। हिंगे ने कहा कि वह इस प्रदर्शन से बिल्कुल भी अभिभूत नहीं हुए।
हिंगे ने ‘जियोस्टार’ प्रेस रूम में पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने सोचा था कि मैं दर्शकों के शोर को अपने दिमाग से निकाल दूं। मैं जितना हो सके शांत रहना चाहता था। मैंने नेट्स में भी बहुत ज्याद गेंदबाजी की थी। इसलिए मुझे मैच में उन सभी चीजों को ठीक वैसे ही करना था। जब मैंने ऐसा किया तो मुझे सच में बहुत अच्छा लगा। ’’
इस शानदार गेंदबाजी के बाद वह रातों-रात सोशल मीडिया पर सबके चहेते बन गए लेकिन इससे हिंगे जरा भी नहीं बदले हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मैं बदल गया हूं। मुझे अभी भी बहुत कुछ करना है क्योंकि यह तो बस शुरुआत है। इसलिए मैं चीजों को जितना हो सके उतना आसान रखता हूं। मैं वैसा ही बने रहने की कोशिश कर रहा हूं जैसा मैं पहले था। ’’
हिंगे ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मैं मशहूर हो गया हूं। ऐसा हर किसी की जिंदगी में होता है। अगर आप कोशिश करते हैं, अगर आप कड़ी मेहनत करते रहते हैं और अगर आपको मौका मिलता है तो आपको अपना शत प्रतिशत देना चाहिए। मेरे साथ भी यही हुआ और यह बहुत अच्छी शुरुआत थी। ’’
शानदार फॉर्म में चल रहे सूर्यवंशी का विकेट लेने के लिए उनकी सबसे ज्यादा तारीफ मिली। हिंगे ने अपनी रणनीति के बारे में बताते हुए कहा, ‘‘मैंने उसके साथ अंडर-23 का एक मैच खेला था। मैंने उसे एक बाउंसर डालकर आउट किया था। इसलिए मैंने सोचा कि अगर मैं ऐसी ही गेंद डालूंगा तो वह उस पर शॉट लगाएगा। मैंने सोचा कि मुझे उसे एक ‘बैक ऑफ द लेंथ’ गेंद डालनी चाहिए और उसने उसे मारने की कोशिश की, लेकिन मार नहीं पाया। ’’
चौबीस साल के इस खिलाड़ी ने कहा कि सनराइजर्स हैदराबाद के नेट्स में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन जैसे बड़े खिलाड़ियों को गेंदबाजी करने से उन्हें अपने पदार्पण से पहले आत्मविश्वास हासिल करने में मदद मिली।
उन्होंने कहा, ‘‘यह उनके खेलने का तरीका है। वे हर गेंद पर शॉट लगाते हैं। हमारी टीम ऐसी ही है और नेट्स में भी उनका यही रवैया रहता है। इसलिए अभिषेक, ईशान और क्लासेन के खिलाफ गेंदबाजी करते हुए मैं इस तरह की स्थितियों का आदी हो गया हूं। निश्चित रूप से वे छक्के तो मारेंगे ही। इसलिए मैं भी अपनी सबसे अच्छी गेंद डालने की कोशिश करता हूं। ‘‘
विदर्भ के इस तेज गेंदबाज ने चेन्नई में ‘एमआरएफ पेस अकादमी’ के ट्रेनर का भी शुक्रिया अदा किया जिसकी अगुवाई ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्लेन मैकग्रा करते हैं। इस अकादमी ने उनके शुरुआती विकास में अहम भूमिका निभाई।
हिंगे ने भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वरुण आरोन की भी खास तौर पर तारीफ की जिनके साथ उन्होंने काफी काम किया है। उन्होंने कहा, ‘‘वह खुद एक तेज गेंदबाज हैं इसलिए वह दूसरे तेज गेंदबाजों की मानसिकता को अच्छी तरह समझते हैं। तेज गेंदबाजों के बीच आपसी समझ काफी अच्छी होती है और वह उन्हीं चीजों पर काम करते हैं जो मुझे सही लगती हैं। वह मुझे कोई भी ऐसी बात नहीं बताते जो बहुत ही असाधारण हो। ’’
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर

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