अब हर मैच फाइनल जैसा और वास्तव में मुझे यह पसंद है: सीएसके के कोच हसी
अब हर मैच फाइनल जैसा और वास्तव में मुझे यह पसंद है: सीएसके के कोच हसी
लखनऊ, 16 मई (भाषा) चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के बल्लेबाजी कोच माइकल हसी ने कहा कि लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) से मिली हार के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में उनके बाकी बचे दोनों मैच अब फाइनल जैसे हो गए हैं और उन्हें टूर्नामेंट का यह दौर पसंद आता है।
प्लेऑफ की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी एलएसजी की टीम ने सीएसके को करारी शिकस्त दी जिससे उसके 12 मैच में अब 12 अंक ही रह गए हैं और उसके लिए बाकी बचे दोनों मैच नॉकआउट जैसे बन गए हैं। चेन्नई ने लखनऊ के सामने 188 रन का लक्ष्य रखा था जिसे उसने मिचेल मार्श की 38 गेंदों में खेली गई 90 रन की पारी की बदौलत आसानी से हासिल कर लिया।
हसी ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे टूर्नामेंट का यह दौर बहुत पसंद है क्योंकि हर मैच फाइनल जैसा होता है और हम अभी उसी स्थिति में हैं। हमें अपने आखिरी दो मैच जीतने होंगे। मैंने अंकतालिका का इतना बारीकी से अध्ययन नहीं किया है लेकिन शीर्ष चार में जगह बनाने के लिए कई टीम कड़ी चुनौती पेश कर रही हैं।’’
सीएसके को अब न केवल अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे बल्कि कुछ अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।
हसी ने कहा, ‘‘टूर्नामेंट के इस चरण में सभी टीमों पर वास्तव में बहुत दबाव होता है। इस दौर में कुछ अप्रत्याशित परिणाम मिलते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि हमारे पास अब भी मौका है। हमें अब भी आगे बढ़ने का भरोसा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ अन्य मैच के परिणाम भी हमारे अनुकूल रहने चाहिए लेकिन हमें अपने काम पर ध्यान देना होगा। यही इस टूर्नामेंट की प्रकृति है। मुझे लगता है कि यह टूर्नामेंट शानदार तरीके से अपने चरम पर पहुंच रहा है।’’
हसी ने कहा, ’’इसीलिए मुझे लगता है कि यह दुनिया के बेहतरीन टूर्नामेंटों में से एक है। टूर्नामेंट के इस चरण में अभी केवल दो टीम (लखनऊ और मुंबई इंडियंस) ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हुई हैं। यहां तक कि हमसे नीचे की टीमों के पास भी सैद्धांतिक रूप से फाइनल में पहुंचने का मौका है। इसलिए मुझे लगता है कि यह सभी के लिए यह अच्छा मौका है। हम इसे इसी नजरिए से देखेंगे।’’
भाषा
पंत
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