नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) का 2026 का राष्ट्रीय जज पाठ्यक्रम यहां शुरू हो गया है जो 26 अप्रैल तक चलेगा। इसमें पूरे देश से इच्छुक और मौजूदा तकनीकी अधिकारी एक साथ शामिल हो रहे हैं।
यह एनआरएआई के शिक्षा कार्यक्रम के तहत इस साल का इस तरह का दूसरा राष्ट्रीय पाठ्यक्रम है।
राष्ट्रीय महासंघ की ओर से बृहस्पतिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि यह पहल भारत में इस खेल के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के एनआरएआई के प्रयासों का हिस्सा है। इसके तहत योग्य और सक्षम जज तैयार किए जाएंगे।
इस पाठ्यक्रम में हिस्सा लेने वालों को आगे बढ़ने और जून में होने वाले आईएसएसएफ ‘बी’ जज पाठ्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा।
पाठ्यक्रम में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतियोगिताओं में निष्पक्षता, ईमानदारी और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने में जज और जूरी की भूमिका कितनी अहम होती है।
उन्होंने इस बात पर भी रोशनी डाली कि निशानेबाजी भारत के सबसे सफल ओलंपिक खेलों में से एक बना हुआ है और ऐसे में वैश्विक मानकों को बनाए रखने में अच्छी तरह से प्रशिक्षित तकनीकी अधिकारियों का योगदान और भी अधिक जरूरी हो जाता है।
भाषा सुधीर पंत
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