France Transit Visa for Indian Citizens || Image- Inc. Magazine file
नई दिल्ली: भारतीय यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। फ्रांस सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा (एटीवी) की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब भारतीय पासपोर्ट धारकों को फ्रांसीसी हवाई अड्डों के अंतरराष्ट्रीय पारगमन क्षेत्र से गुजरते समय ट्रांजिट वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। (France Transit Visa for Indian Citizens) यह नियम इसी महीने से लागू हो चुका है और उन यात्रियों पर लागू होगा जो केवल फ्लाइट बदलने के लिए रुकते हैं और एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र से बाहर नहीं जाते।
यह फैसला फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा फरवरी 2026 में भारत दौरे के दौरान की गई घोषणा के बाद लिया गया। इसके तहत 10 मई 2010 के वीजा नियमों में संशोधन किया गया, जिसे 9 अप्रैल 2026 को फ्रांस के आधिकारिक राजपत्र (जर्नल ऑफिशियल) में प्रकाशित किया गया। साथ ही, फ्रांस-वीजा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस बदलाव को लागू कर दिया गया है और भारतीय नागरिकों से नए एटीवी आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।
Embassy of France in India- “With effect from 10 April 2026, Indian nationals possessing an ordinary passport are no longer required to hold an airport transit visa when passing through the international zone of airports located on French territory. This measure applies to… pic.twitter.com/genxVyKQe3
— ANI (@ANI) April 23, 2026
पहले भारतीय यात्रियों को, भले ही वे केवल ट्रांजिट में हों, एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा के लिए आवेदन करना अनिवार्य था। इसके लिए वैध पासपोर्ट, आगे की उड़ान का टिकट, अंतिम गंतव्य का वीजा (यदि आवश्यक हो) और आवेदन शुल्क जैसी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं। (France Transit Visa for Indian Citizens) अब इन सभी प्रक्रियाओं से राहत मिल गई है, बशर्ते यात्री अंतरराष्ट्रीय पारगमन क्षेत्र के भीतर ही रहें और इमिग्रेशन जांच से न गुजरें।
इस फैसले से यात्रियों को कई लाभ मिलेंगे। यात्रा की योजना बनाना अब तेज और आसान होगा, क्योंकि अलग से ट्रांजिट वीजा लेने की जरूरत खत्म हो गई है। इसके अलावा, वीजा शुल्क और अन्य खर्चों में कमी आएगी और यात्रियों को यूरोप, उत्तरी अमेरिका और एशिया के बीच उड़ानों के अधिक विकल्प मिल सकेंगे। पेरिस जैसे बड़े हवाई अड्डों के जरिए कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
हालांकि, यह छूट कुछ शर्तों के साथ लागू है। यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय पारगमन क्षेत्र में ही रहना होगा और फ्रांस में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। आगे की यात्रा के लिए वैध टिकट होना जरूरी है। यदि कोई यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकलना चाहता है, तो उसे शेंगेन वीजा की आवश्यकता होगी। वहीं, नेपाल के नागरिकों को अब भी एटीवी की जरूरत होगी, जबकि भूटान के नागरिकों पर यह अनिवार्यता पहले की तरह लागू नहीं है।
शेंगेन वीज़ा 29 यूरोपीय देशों के शेंगेन क्षेत्र में घूमने के लिए एक एकल वीज़ा (Short-stay visa) है, जो 180 दिनों की अवधि में अधिकतम 90 दिनों तक रहने की अनुमति देता है। यह मुख्य रूप से पर्यटन, व्यवसाय या पारिवारिक मुलाक़ात के लिए होता है। (France Transit Visa for Indian Citizens) इसके लिए उस देश के दूतावास में आवेदन करना होता है जहाँ आप सबसे अधिक समय बिताएंगे या जहाँ आप पहली बार प्रवेश करेंगे।
यह एक तरह का ‘एयरपोर्ट वीजा’ या ‘पारगमन वीजा’ है जो किसी देश की सीमा से होकर जाने के लिए आवश्यक होता है। यह बहुत कम समय के लिए होता है, जैसे भारत में यह 15 दिनों के भीतर प्रवेश के लिए मान्य होता है और 3 दिनों तक रुकने की अनुमति देता है।
उदहारण के तौर पर यदि आप भारत से न्यूयॉर्क जा रहे हैं और आपकी फ्लाइट लंदन (यूके) से होकर जा रही है, तो आपको यूके का ट्रांजिट वीजा लेना पड़ सकता है। (France Transit Visa for Indian Citizens) इसे ‘एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा’, ‘लेओवर वीजा’ (Layover visa), या ‘स्टॉपओवर वीजा’ (Stopover visa) भी कहा जाता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस देश से हैं और आप किस देश से होकर गुजर रहे हैं।
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