पीसीबी और बीसीबी ने डब्ल्यूटीसी प्रणाली का विरोध किया, संतुलित एफटीपी के लिए हाथ मिलाया

पीसीबी और बीसीबी ने डब्ल्यूटीसी प्रणाली का विरोध किया, संतुलित एफटीपी के लिए हाथ मिलाया

पीसीबी और बीसीबी ने डब्ल्यूटीसी प्रणाली का विरोध किया, संतुलित एफटीपी के लिए हाथ मिलाया
Modified Date: May 10, 2026 / 06:08 pm IST
Published Date: May 10, 2026 6:08 pm IST

कराची, 10 मई (भाषा) पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने एशियाई और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच पर एक-दूसरे का समर्थन करने पर सहमति जताई और साथ ही 2028-31 चक्र के लिए ‘भविष्य दौरा कार्यक्रम’ (एफटीपी) में अधिक संतुलन लाने की मांग की है।

पीसीबी के करीबी एक जानकार सूत्र ने बताया कि पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ढाका की दो दिवसीय यात्रा से सकारात्मक आश्वासनों के साथ लौटे हैं। उन्होंने बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ चर्चा की थी, जिनमें अंतरिम प्रमुख तमीम इकबाल भी शामिल थे।

सूत्र ने कहा, ‘‘ढाका यात्रा के दौरान उन्होंने बांग्लादेश के खेल मंत्री और कुछ अन्य मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ बांग्लादेश क्रिकेट के अंतरिम प्रमुख तमीम इकबाल भी मौजूद थे। ’’

उन्होंने बताया कि नकवी ने बैठकों में विस्तार से चर्चा की कि सबसे पहले ‘विश्व टेस्ट चैंपियनशिप’ में दो-स्तरीय प्रणाली बनाने के किसी भी कदम को खारिज करने की जरूरत है और चैंपियनशिप के अगले चरण में और 2027 के बाद आने वाले नए वित्तीय चक्र में आईसीसी टूर्नामेंट से मिलने वाले राजस्व के वितरण में अधिक संतुलन होना चाहिए।

सूत्र ने आगे कहा, ‘‘दोनों बोर्ड इस बात पर सहमत हुए कि वर्तमान में डब्ल्यूटीसी में मैचों का सबसे बड़ा हिस्सा भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को मिलता है जबकि पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, वेस्टइंडीज जैसे देशों को कार्यक्रम में उचित महत्व नहीं मिल पाता है। ’’

सूत्र ने बताया कि चर्चाओं का मुख्य केंद्र अन्य क्रिकेट बोर्ड को एकजुट करके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के भीतर एक मजबूत गुट बनाना और एशियाई स्तर पर आपसी सहयोग को बढ़ाना भी था।

उन्होंने कहा, ‘‘नकवी और तमीम दोनों इस बात पर सहमत हुए कि वे अन्य बोर्डों से बात करेंगे और उन्हें आईसीसी स्तर पर अपना समर्थन देने के लिए मनाएंगे। हालांकि, यह भी तय किया गया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश एशियाई या आईसीसी स्तर पर हर मुद्दे पर एक-दूसरे का समर्थन करेंगे। ’’

सूत्र ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि बांग्लादेश की नयी सरकार क्रिकेट से जुड़े मामलों में भारत के करीब जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर बांग्लादेश को अपने हितों का ध्यान रखना ही है। लेकिन चर्चाओं के दौरान इस बात पर सहमति बनी कि विश्व टी20 कप के मुद्दे पर दोनों बोर्डों ने जिस तरह की आपसी समझ और समर्थन दिखाया था, उसे हर स्तर पर जारी रखा जाना चाहिए। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


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