टी20 विश्व कप से बाहर रहने और कठिन चयन फैसलों पर रोहित शर्मा का आत्ममंथन

टी20 विश्व कप से बाहर रहने और कठिन चयन फैसलों पर रोहित शर्मा का आत्ममंथन

टी20 विश्व कप से बाहर रहने और कठिन चयन फैसलों पर रोहित शर्मा का आत्ममंथन
Modified Date: January 21, 2026 / 05:32 pm IST
Published Date: January 21, 2026 5:32 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने बुधवार को कहा कि अपने करियर में पहली बार टी20 विश्व कप को बाहर बैठकर देखना उनके लिए एक अजीब अनुभव होगा।

उन्होंने अपनी कप्तानी कार्यकाल के दौरान लिए गए मुश्किल चयन फैसलों और नेतृत्व से जुड़े निर्णयों पर भी विचार साझा किए।

भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल 50 ओवर के प्रारूप में ही खेलते हैं क्योंकि वे टेस्ट और टी20 प्रारूप से संन्यास ले चुके हैं।

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गत चैंपियन भारत सात फरवरी को मुंबई में अमेरिका के खिलाफ मुकाबले से अपने टी20 विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगा।

अड़तीस वर्षीय रोहित ने कहा कि किसी वैश्विक टूर्नामेंट से दूर रहना द्विपक्षीय श्रृंखला की तुलना में कहीं ज्यादा मुश्किल होता है।

रोहित ने ‘जियोहॉटस्टार शो’ में रोहित ने कहा, ‘‘हम घर पर इस बारे में बात कर रहे थे कि इसे घर से देखना अजीब होगा विशेषकर टी20 विश्व कप। जब से यह टूर्नामेंट शुरू हुआ है, तब से अब तक मैं हर विश्व कप का हिस्सा रहा हूं इसलिए यह अनुभव अलग होगा। ’’

उन्होंने आगे कहा, “जब आप कोई विश्व कप में नहीं खेलते हैं, तब उसकी कमी सच में महसूस होती है। तभी आपको अहसास होता है कि आप इसका हिस्सा नहीं हैं। हालांकि मैं स्टेडियम में कहीं न कहीं मौजूद रहूंगा। यह पहले जैसा नहीं होगा, लेकिन एक अलग अनुभव जरूर होगा। ’’

अपने कप्तानी सफर को याद करते हुए रोहित ने कहा कि शीर्ष स्तर पर नेतृत्व की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ड्रेसिंग रूम में भरोसा और सम्मान बनाए रखते हुए कठिन चयन फैसले लेना होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप से पहले ऐसे कई मौके आए हैं जब मुश्किल फैसले लेने पड़े। आप हर किसी को खुश नहीं रख सकते, लेकिन यह जरूरी है कि खिलाड़ी को यह समझाया जाए कि फैसला क्यों लिया गया। ’’

श्रेयस अय्यर को 2022 एशिया कप और ऑस्ट्रेलिया में हुए टी20 विश्व कप से बाहर रखने का उदाहरण देते हुए रोहित ने कहा कि टीम संतुलन और कई तरह के कौशल की जरूरतें अक्सर चयन को तय करती हैं।

रोहित ने कहा, ‘‘हमें लगा कि हमें ऐसा खिलाड़ी चाहिए जो गेंदबाजी में भी थोड़ा योगदान दे सके। इसलिए हमने दीपक हुड्डा को चुना जो उस समय अच्छी फॉर्म में थे। श्रेयस को बुरा लगा होगा और दीपक खुश रहे होंगे, पर यही चयन की प्रक्रिया है। ’’

उन्होंने यह भी कहा कि तब उन्होंने और तत्कालीन मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने व्यक्तिगत रूप से अय्यर को इस फैसले की वजह समझाई थी।

रोहित ने बताया कि इसी तरह की बातचीत मोहम्मद सिराज और युजवेंद्र चहल के साथ भी हुई थी। सिराज तब 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में नहीं चुने गए थे और चहल को 2023 वनडे विश्व कप टीम में जगह नहीं मिली थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए यह समझना जरूरी होता है कि 15 खिलाड़ियों की टीम का सबसे बेहतर इस्तेमाल कैसे किया जाए। अगर आपके पास कोई ठोस वजह है और आप उसे सही ढंग से समझाते हैं तो यह ठीक है। ’’

अपने कार्यकाल के दौरान टीम के साथ संबंधों पर बात करते हुए रोहित ने कहा कि एक सहज माहौल बनाना उनकी नेतृत्व शैली का अहम हिस्सा था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा चाहता था कि हर विषय पर खुलकर चर्चा हो, सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि जिंदगी पर भी। इसमें कोई दीवार नहीं है, दरवाजा हमेशा खुला रहता है। ’’

उनका कहना है कि मजाक और आपसी सम्मान ने ड्रेसिंग रूम का माहौल सहज बनाए रखा।

आगामी टी20 विश्व कप को लेकर रोहित ने मौजूदा भारतीय टीम पर भरोसा जताते हुए निरंतरता, एकजुटता ओर युवा कोर को सकारात्मक पहलू बताया।

उन्होंने कहा कि टीम की औसत उम्र करीब 25 साल है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले टी20 विश्व कप के बाद से टीम का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा वही है। ये खिलाड़ी करीब दो साल से साथ खेल रहे हैं, जिससे आपसी समझ मजबूत होती है। ’’

रोहित ने कहा, ‘‘जब आप विश्व कप खेलने जाते हैं तो एक ही लक्ष्य होता है, इसे जीतना। इसके लिए खुली बातचीत जरूरी होती है और कभी-कभी कठिन बातचीत भी करनी पड़ती है। ’’

भाषा नमिता पंत

पंत


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