सात्विक-चिराग ने विश्व चैंपियनशिप में पहला कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा

सात्विक-चिराग ने विश्व चैंपियनशिप में पहला कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा

सात्विक-चिराग ने विश्व चैंपियनशिप में पहला कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:15 pm IST
Published Date: August 27, 2022 12:23 pm IST

तोक्यो, 27 अगस्त (भाषा) सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने शनिवार को यहां सेमीफाइनल में मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक की छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी से हारने के कारण विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में अपना पहला कांस्य पदक जीतकर अभियान का अंत किया।

विश्व में सातवें नंबर की भारतीय जोड़ी पहले गेम में जीत का फायदा नहीं उठा पाई और 77 मिनट तक चले मैच में 22-20, 18-21, 16-21 से हार गई।

यह सात्विक और चिराग की मलेशियाई जोड़ी के हाथों लगातार छठी हार है। इस महीने के शुरू में राष्ट्रमंडल खेलों के मिश्रित टीम फाइनल में भी उन्हें इस जोड़ी से हार का सामना करना पड़ा था।

इस हार के बावजूद भारतीय जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप में प्रभावशाली प्रदर्शन किया और भारत का एक पदक सुनिश्चित किया। भारत ने 2011 के बाद इस प्रतियोगिता में हमेशा पदक जीता है।

यह भारत का विश्व चैंपियनशिप में युगल में दूसरा पदक है। इससे पहले ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने 2011 में महिला युगल में कांस्य पदक जीता था।

भारत का यह विश्व चैंपियनशिप में कुल मिलाकर 13वां पदक है। पीवी सिंधू ने 2019 में स्वर्ण पदक सहित इस प्रतियोगिता में कुल पांच पदक जीते हैं जबकि साइना नेहवाल ने एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया है। इनके अलावा किदांबी श्रीकांत ने रजत, लक्ष्य सेन, बी साई प्रणीत और प्रकाश पादुकोण ने कांस्य पदक जीते हैं।

सेमीफाइनल मुकाबले में चिराग का अपनी सर्विस और रक्षण पर नियंत्रण नहीं रहा। सात्विक ने भरपाई करने की कोशिश की लेकिन मलेशियाई जोड़ी के सधे हुए खेल के सामने उनकी एक नहीं चली।

भारतीय जोड़ी ने इससे पहले मलेशिया के खिलाड़ियों के खिलाफ पांचों मुकाबले गंवाए थे और इस बार भी कहानी में कोई बदलाव नहीं हुआ। भारतीयों ने हालांकि अच्छी शुरुआत की और पहले गेम में इंटरवल तक 11-5 से बढ़त हासिल कर ली थी।

मलेशियाई जोड़ी ने हालांकि वापसी करके स्कोर 11-12 कर दिया और जल्द ही दोनों टीमें 16-16 से बराबरी पर पहुंच गई। सोह के करारे शॉट से मलेशियाई जोड़ी ने 18-17 से बढ़त बनाई लेकिन जल्द ही स्कोर 20-20 से बराबर हो गया। चिराग ने गेम प्वाइंट हासिल किया और आरोन की गलती से भारत पहला गेम अपने नाम करने में सफल रहा।

दूसरे गेम में मलेशियाई जोड़ी के खेल में अधिक निखार दिखाई दिया लेकिन भारतीयों ने भी उन्हें आसानी से जीत दर्ज नहीं करने दी। मलेशिया हालांकि 16-11 की बढ़त लेकर मजबूत स्थिति में पहुंच गया और फिर उसने यह गेम जीतने में देर नहीं लगाई।

तीसरे और निर्णायक गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। भारतीय जोड़ी एक समय 6-5 से आगे थी लेकिन मलेशिया ने जल्द ही स्कोर 10-8 कर दिया। इसके बाद भी दोनों जोड़ियों ने एक दूसरे को कड़ी चुनौती दी और बीच में स्कोर 13-14 और 15-16 भी रहा।

मलेशियाई जोड़ी ने हालांकि चिराग की एक और गलती का फायदा उठाकर चार मैच प्वाइंट हासिल किए और सात्विक का रिटर्न नेट पर लगने के साथ ही मैच का अंत हो गया।

भाषा

पंत

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