शमी और मुकेश की शानदार गेंदबाजी से पूर्व क्षेत्र ने दक्षिण क्षेत्र के छह विकेट झटके

शमी और मुकेश की शानदार गेंदबाजी से पूर्व क्षेत्र ने दक्षिण क्षेत्र के छह विकेट झटके

शमी और मुकेश की शानदार गेंदबाजी से पूर्व क्षेत्र ने दक्षिण क्षेत्र के छह विकेट झटके
Modified Date: September 8, 2026 / 06:08 pm IST
Published Date: September 8, 2026 6:08 pm IST

(तस्वीरों के साथ) … जी उन्निकृष्णन …

चेन्नई, आठ सितंबर (भाषा) अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की छोटे-छोटे स्पेल में प्रभावी गेंदबाजी की बदौलत पूर्व क्षेत्र ने दलीप ट्रॉफी फाइनल के तीसरे दिन मंगलवार को दक्षिण क्षेत्र के 242 रन पर छह विकेट झटक कर अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली। दक्षिण क्षेत्र अभी पूर्व क्षेत्र के 708 रन के विशाल स्कोर से 466 रन पीछे है। पहली पारी में उसके सिर्फ चार विकेट बाकी हैं और ऐसे में उसके लिए बढ़त हासिल करना लगभग असंभव नजर आ रहा है। दिन का खेल समाप्त होने तक कप्तान तिलक वर्मा 56 रन (133 गेंद) बनाकर और सीवी मिलिंद बिना खाता खोले क्रीज पर थे। श्रेयस गोपाल 26 रन बनाकर दिन के अंतिम क्षणों में आउट हुए। शमी ने दिन में तीन छोटे स्पेल किए। उन्होंने पहले तीन ओवर में दो मेडन डालते हुए सिर्फ एक रन दिया। दूसरे स्पेल में चार ओवर में एक मेडन के साथ 10 रन देकर एक विकेट और तीसरे स्पेल में चार ओवर में एक मेडन के साथ छह रन देकर एक विकेट हासिल किया। इस तरह उन्होंने कुल 11 ओवर में चार मेडन के साथ 17 रन देकर दो विकेट लिए। चेन्नई की उमस भरी परिस्थितियों को देखते हुए संभवत: शमी ने छोटे स्पेल में गेंदबाजी करना पसंद किया। शमी के आंकड़े शायद बहुत प्रभावशाली नहीं दिखते, लेकिन उन्होंने गेंद पर नियंत्रण और जरूरत के समय अपनी गति तथा धार बढ़ाने की क्षमता का भरपूर प्रमाण दिया। जिस सपाट पिच पर दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाज शुरुआती दो दिन ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके थे, वहां शमी ने अपने अनुभव और कौशल का शानदार मिश्रण पेश किया। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अपनी लेंथ में गजब की निरंतरता बनाए रखी और बल्लेबाजों को शॉट खेलने के लिए बहुत कम जगह दी। शेख रशीद (29) और देवदत्त पडिक्कल (62) ने तीसरे विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी की लेकिन शमी ने खूबसूरत इनस्विंग गेंद पर रशीद को पगबाधा कर इस साझेदारी को खतरनाक नहीं होने दिया। इसके करीब 20 ओवर बाद 36 वर्षीय शमी को कार्यवाहक कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने फिर गेंद थमाई। ईशान किशन की गैरमौजूदगी में कुछ समय के लिए कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे सूर्यवंशी का यह फैसला तुरंत असरदार साबित हुआ। शमी ने रविचंद्रन स्मरण को पवेलियन भेजकर तिलक के साथ उनकी 45 रन की साझेदारी तोड़ दी। ऑफ स्टंप से बाहर निकलती गेंद स्मरण के बल्ले को छूते हुए विकेटकीपर कुशाग्र के दस्तानों में चली गयी। कुशाग्र ने गेंद लपकने के बाद सूर्यवंशी को डीआरएस लेने के लिए प्रेरित किया और टीवी अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को बदलकर आउट करार दिया। श्रीलंका के सफल दौरे से लौटे पडिक्कल एक और बड़ी पारी की ओर बढ़ते नजर आ रहे थे। उन्होंने तेज गेंदबाज मुकेश कुमार की गेंद पर चौका जड़कर 65 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। मुकेश ने जल्द ही बदला ले लिया। उन्होंने पडिक्कल के पैड की ओर गेंद डाली। पडिक्कल के फ्लिक पर स्थानापन्न खिलाड़ी डीपी दास ने आसान कैच लपक लिया। दक्षिण क्षेत्र के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने में नाकाम रहे। उपकप्तान रिकी भुई के शुरुआती विकेट के बाद नारायण जगदीशन (32) ने पडिक्कल के साथ दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े। भुई ने मुकेश की गेंद पर विकेटकीपर कुशाग्र को कैच दिया था। जगदीशन ने कुछ शानदार चौके लगाए, लेकिन ड्राइव खेलने की उनकी जल्दबाजी ने उनकी पारी का अंत कर दिया। अनुकूल रॉय की उंगली में चोट के कारण जल्दी गेंदबाजी के लिए लगाए गए कामचलाऊ स्पिनर शिखर मोहन की गेंद पर वह कवर में खड़े अभिमन्यु ईश्वरन को कैच दे बैठे। तिलक ने इस प्रतियोगिता में लगातार तीसरा 50 से अधिक का स्कोर बनाया। उन्होंने बेहद संयमित पारी खेलते हुए 143 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने श्रेयस गोपाल के साथ दिन के अंतिम दो घंटों में 26.4 ओवर तक बल्लेबाजी की और 66 रन जोड़े। इस साझेदारी के टूटने के बाद दक्षिण क्षेत्र के सामने अब फॉलोऑन बचाने की चुनौती है। भाषा आनन्द सुधीरसुधीर


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