नीदरलैंड के सोर्ड मारिन दूसरी बार बने भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच
नीदरलैंड के सोर्ड मारिन दूसरी बार बने भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच
नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) नीदरलैंड के सोर्ड मारिन को शुक्रवार को फिर से भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच नियुक्त किया गया। वह दूसरी बार यह पद संभालेंगे। इससे पहले उनके कोच रहते हुए भारतीय महिला टीम तोक्यो ओलंपिक खेलों में चौथे स्थान पर रही थी।
मारिन को हरेंद्र सिंह की जगह मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। हरेंद्र को टीम के निराशाजनक प्रदर्शन और ‘‘कोचिंग में मनमानीपूर्ण रवैया अपनाने’’ के आरोपों के कारण इस्तीफा देना पड़ा था।
नीदरलैंड के पूर्व हॉकी खिलाड़ी 51 वर्षीय मारिन 2017 से 2021 तक भारतीय महिला टीम से जुड़े रहे। इसके पांच साल बाद फिर से उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी टीम में मटियास विला भी शामिल होंगे जिन्हें विश्लेषणात्मक कोच नियुक्त किया गया है।
भारतीय हॉकी टीम में वेन लोम्बार्ड की भी वापसी हो रही है, जो वैज्ञानिक सलाहकार और खेल प्रदर्शन प्रमुख के रूप में कार्य करेंगे।
मारिन ने हॉकी इंडिया की एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं साढ़े चार साल बाद नयी ऊर्जा और स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ इस पद पर लौटा हूं ताकि टीम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकूं और खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करने में मदद कर सकूं।’’
मारिन की टीम में अपार साख थी और उन्हें एक ऐसी एकजुट टीम बनाने का श्रेय दिया जाता था जहां खिलाड़ी एक-दूसरे की सफलता में खुशी मानते थे। उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए तोक्यो ओलंपिक खेलों के तुरंत बाद पद छोड़ दिया। मारिन के पिछले कार्यकाल के दौरान भारत विश्व रैंकिंग के शीर्ष 10 में शामिल हुआ था।
अर्जेंटीना के पूर्व मिडफील्डर विला ने 1997 में अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था। उन्होंने 2000 में सिडनी ओलंपिक और 2004 में एथेंस ओलंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। वह दो दशकों से अधिक समय से कोचिंग से जुड़े हुए हैं।
लोम्बार्ड को अपने कार्य में रोडेट इला और सियारा इला का सहयोग मिलेगा जिन्हें वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त किया गया है।
तोक्यो ओलंपिक के बाद भारतीय टीम अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाए और उसे बदलाव के दौर से गुजरना पड़ा क्योंकि चोट से जूझ रही कप्तान रानी रामपाल, वंदना कटारिया और दीप ग्रेस एक्का जैसी प्रमुख खिलाड़ियों ने खेल से संन्यास ले लिया।
महिला टीम 2024 के पेरिस ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने में असफल रही, लेकिन वह 2022 के राष्ट्रमंडल खेल और 2023 में एशियाई खेल दोनों में कांस्य पदक जीतने में सफल रही थी।
टीम ने पिछले साल एशिया कप में रजत पदक जीता था, लेकिन यह बेल्जियम और नीदरलैंड में इस अगस्त में होने वाले विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने के लिए पर्याप्त नहीं था।
पिछले साल एलीट एफआईएच प्रो लीग में खेले गए 16 मैचों में से केवल दो जीत हासिल करने के बाद टीम निचली श्रेणी की लीग नेशंस कप में खिसक गई।
मुख्य कोच के रूप में मारिन की पहली बड़ी चुनौती आठ से 14 मार्च तक हैदराबाद में होने वाला महिला विश्व कप क्वालीफायर टूर्नामेंट होगा।
मारिन 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे, जबकि राष्ट्रीय कोचिंग शिविर भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के बेंगलुरु स्थित परिसर में 19 जनवरी को शुरू होगा।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, ‘‘हम सोर्ड मारिन और पूरे सहायक स्टाफ का भारतीय हॉकी परिवार में स्वागत करते हैं। हम खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने आगामी विश्व कप क्वालीफायर को ध्यान में रखते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘टीम की फिटनेस पर विशेष जोर दिया गया है, जो तोक्यो में भारतीय महिला टीम के ऐतिहासिक प्रदर्शन के प्रमुख कारणों में से एक था। हमें टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।’’
भाषा
पंत नमिता
नमिता

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