सोबर्स सबसे संपूर्ण क्रिकेटर थे: इंजीनियर
सोबर्स सबसे संपूर्ण क्रिकेटर थे: इंजीनियर
… सुमन रे …
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज फारुख इंजीनियर ने वेस्टइंडीज के महान हरफनमौला सर गैरी सोबर्स को क्रिकेट इतिहास का सबसे महान और हर तरीके से सपूर्ण खिलाड़ी करार देते हुए कहा कि मैदान पर ऐसा शायद ही कोई काम रहा हो, जिसे सोबर्स किसी भी अन्य खिलाड़ी से बेहतर ढंग से नहीं कर सकते हों। अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए क्रिकेट जगत में प्रख्यात सोबर्स का शुक्रवार को निधन हो गया। उनके जाने से क्रिकेट जगत ने एक ऐसी महान शख्सियत खो दी, जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। इंजीनियर ने लंदन से पीटीआई से विशेष बातचीत में कहा, ‘‘आज तक वह दुनिया के सबसे संपूर्ण क्रिकेटर थे। उनके निधन से पूरा क्रिकेट जगत एक प्रतिभाशाली महान खिलाड़ी को खोने का शोक मना रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह मेरे अच्छे मित्र थे। उनकी कमी सिर्फ क्रिकेट जगत ही नहीं, बल्कि उन्हें जानने वाला हर व्यक्ति महसूस करेगा। अभी कुछ देर पहले मेरी वेस हॉल और सोबर्स की पत्नी बात हुई। बारबाडोस में गहरा शोक का माहौल है।’’ इंजीनियर ने कहा, ‘‘सोबर्स सिर्फ महान क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि बेहतरीन इंसान और बारबाडोस के सच्चे राजदूत थे। मेरी नजर में दुनिया ने उनसे अधिक संपूर्ण क्रिकेटर न देखा है और न ही मैं कभी किसी ऐसे खिलाड़ी के साथ खेला।’’ खब्बू बल्लेबाज सोबर्स तेज गेंदबाज़ी, बायें हाथ से तेज गेंदबाजी और स्पिन गेंदबाजी तीनों में माहिर थे। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट लिए, जबकि अपने इकलौते एकदिवसीय मैच में भी एक विकेट हासिल किया। इसके अलावा वह शानदार क्षेत्ररक्षक भी थे। विश्व एकादश में उनके साथ खेलने वाले इंजीनियर ने कहा कि ऑलराउंड क्षमता के मामले में सोबर्स की बराबरी कोई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, ‘‘वह हर विभाग में सर्वश्रेष्ठ थे। उनकी कैच लपकने की क्षमता, तेज गेंदबाजी, स्विंग और स्पिन सब कमाल की थी। बल्लेबाजी में भी उनका कोई सानी नहीं था। रोहन कन्हाई, ग्राहम पोलॉक, बैरी रिचर्ड्स, सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेबाज जरूर हुए, लेकिन गैरी की बराबरी को कोई नहीं हुआ।’’ इंजीनियर ने विश्व एकादश के दिनों को याद करते हुए मेलबर्न टेस्ट के बारे में कहा, ‘‘जब उन्होंने दोहरा शतक बनाया था, तब मैं लंबे समय तक नॉन-स्ट्राइकर छोर पर उनके साथ था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम दोनों के बीच बेहद करीबी रिश्ता था। उनकी गेंदबाजी पर मैंने कई कैच लपके, कई स्टंपिंग कीं और लेग स्लिप में उनके साथ मिलकर ढेरों कैच पकड़े। मैं हमेशा उनसे कहता था, ‘‘शानदार कैच, सर्बी… ऐसे ही करते रहो’।’’ दोनों की दोस्ती मैदान तक सीमित नहीं थी। इंजीनियर ने कहा, ‘‘उनके साथ खेलना और मैदान के बाहर समय बिताना शानदार अनुभव था। उन्हें अच्छी पार्टियां पसंद थीं और मुझे भी। हमने कई क्रिसमस साथ मनाए और ढेरों यादगार और मजेदार पल साझा किए।’’ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में सुनील गावस्कर और सोबर्स के साथ गोल्फ खेलने का एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया। इंजीनियर ने हंसते हुए कहा, ‘‘गावस्कर बार-बार गेंद को ठीक से नहीं मार पा रहे थे। तब गैरी ने उनके कंधे पर हाथ रखकर मजाक में कहा, ‘यह ऐसा खेल है, जिसमें गेंद को हवा में मारने की पूरी छूट है।’ इंजीनियर ने कहा कि शायद ही कोई भारतीय टेस्ट क्रिकेटर सोबर्स के इतने करीब रहा हो। उन्होंने बताया, ‘‘जब मैंने ‘ऑल इंडिया यूनिवर्सिटीज’ की ओर से वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलना शुरू किया था, तब मैंने उनके खिलाफ अपने सबसे तेज शतकों में से एक लगाया था। वेस हॉल, चार्ली ग्रिफिथ, लांस गिब्स जैसे गेंदबाजों के सामने शतक पूरा करने पर सबसे पहले बधाई देने वाले भी सोबर्स ही थे। अंत में हालांकि उन्होंने ही मुझे आउट किया। इसके बाद हमारी दोस्ती और गहरी होती गई।’’ भाषा आनन्द नमितानमिता

Facebook


