तोक्यो विवाद के पांच साल बाद भारतीय टेबल टेनिस दल में लौटे सौम्यदीप ने हरसंभव मदद की पेशकश की

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तोक्यो विवाद के पांच साल बाद भारतीय टेबल टेनिस दल में लौटे सौम्यदीप ने हरसंभव मदद की पेशकश की

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 06:43 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 06:43 PM IST

(भारत शर्मा)

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से कोच बने सौम्यदीप रॉय पांच साल पहले तोक्यो ओलंपिक में बड़े विवाद में घिरने के बाद बहु खेल आयोजन के लिए भारतीय टेबल टेनिस टीम में लौट आए हैं। हालांकि वह व्यक्तिगत कोच की भूमिका में होंगे।

रॉय जापान में होने वाले आगामी एशियाई खेलों में पायस जैन, सुथीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला दास के व्यक्तिगत कोच के रूप में जाएंगे। खेल मंत्रालय ने बुधवार को सहयोगी स्टाफ की सूची में उनके नाम को मंजूरी दे दी। हालांकि वह समर्पित सहयोगी स्टाफ का हिस्सा नहीं हैं और इसलिए उन्हें खेलने के स्थल तक पहुंच मिलने की संभावना नहीं है। सहयोगी स्टाफ की टीम की अगुवाई इटली के मास्सिमो कोस्तांतिनी कर रहे हैं।

तोक्यो ओलंपिक के दौरान राष्ट्रीय कोच रहे रॉय उस समय विवादों के केंद्र में आ गए थे जब स्टार खिलाड़ी मनिका बत्रा ने खेलों के दौरान अपने मुकाबलों में उनसे कोचिंग लेने से इनकार कर दिया था।

मनिका ने आरोप लगाया था कि ओलंपिक से पहले रॉय ने उनसे एक मुकाबला फिक्स करने के लिए कहा था जिससे कि उनसे प्रशिक्षण लेने वाली खिलाड़ी प्रतिष्ठित खेलों के लिए क्वालीफाई कर सके। इस विवाद के बाद 2022 में टीटीएफआई को निलंबित कर दिया गया था।

दरअसल संचालन संबंधी मुद्दों के कारण महासंघ को पिछले महीने फिर से निलंबित कर दिया गया।

राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता रॉय ने पीटीआई से कहा कि वह केवल अपने तीन खिलाड़ियों ही नहीं बल्कि हरसंभव तरीके से पूरी टीम की मदद करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने तोक्यो विवाद के बाद एशियाई खेलों के दल में अपनी मौजूदगी को राष्ट्रीय टीम में किसी तरह की वापसी के रूप में देखने से भी इनकार किया।

रॉय ने कहा, ‘‘मेरे तीन खिलाड़ी वहां हैं और मैं उनका मार्गदर्शन कर सकूंगा। मैं एक खिलाड़ी के तौर पर चार एशियाई खेलों और कई राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले चुका हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हाल में मैं सिंड्रेला, सुथीर्था और पायस के साथ डब्ल्यूटीटी प्रतियोगिताओं के लिए यात्रा कर रहा हूं और 2028 ओलंपिक को देखते हुए आगे भी ऐसा अधिक करूंगा।’’

तोक्यो की घटना और उसके बाद राष्ट्रीय महासंघ के निलंबन से जुड़े घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर रॉय ने कहा, ‘‘मैं सिर्फ जापान में उनके साथ रहना चाहता था। मैं इसे उस नजरिए से बिल्कुल नहीं देख रहा हूं।’’

रॉय ने कहा कि वह टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ भी अपना अनुभव और ज्ञान साझा करने में खुशी महसूस करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत का नागरिक हूं। राष्ट्रीय कोच मास्सिमो हैं। मेरा उद्देश्य भारत के लिए हर संभव तरीके से योगदान देना है। यही हर किसी का लक्ष्य होना चाहिए। हमें व्यक्तिगत लक्ष्यों से ऊपर उठना चाहिए।’’

रॉय ने कहा, ‘‘हाल में स्वीडन स्मैश में शुरुआती चार दिन मास्सिमो वहां नहीं थे। मुझे खुशी हुई कि मैंने प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों के मार्गदर्शक के रूप में मदद की। बाद में उन्होंने मुझे धन्यवाद दिया। हम जिस भी तरीके से कर सकते हैं राष्ट्र की सेवा करने के लिए यहां हैं।’’

रॉय से प्रशिक्षण लेने वाली सुथीर्था और अयहिका मुखर्जी ने पिछले हांगझोउ एशियाई खेलों में महिला युगल का यादगार पदक जीता था। इससे पहले जकार्ता में 2018 में भारत ने पुरुष टीम और मिश्रित युगल में दो कांस्य पदक जीते थे।

रॉय ने कहा, ‘‘इस बार हमारे पास पदक जीतने का अच्छा मौका है। हमारे पास युवा और अनुभव का अच्छा मिश्रण है। महिला टीम, पुरुष टीम, मिश्रित युगल और युगल में पदक आ सकते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी स्पर्धाओं में हमारे पास मौका है। अब हमारे खिलाड़ी किसी भी दिन किसी को भी हरा सकते हैं।’’

भाषा सुधीर नमिता

नमिता