खेलमंत्री मांडविया ने खिलाड़ी कल्याण नीति का अनावरण किया

Ads

खेलमंत्री मांडविया ने खिलाड़ी कल्याण नीति का अनावरण किया

  •  
  • Publish Date - June 20, 2026 / 03:17 PM IST,
    Updated On - June 20, 2026 / 03:17 PM IST

नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को नयी खिलाड़ी कल्याण नीति का अनावरण किया जिसके तहत तनाव के स्तर का पता लगाने के लिये मनोवैज्ञानिक स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है और खेलमंत्री ने यह भी कहा कि मदद मांगने वाले खिलाड़ियों की समस्याओं का समाधान बिना किसी भेदभाव या कलंक के किया जायेगा ।

यहां चुनिंदा मीडिया से बातचीत में मांडविया ने कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (एनसीओई) और खेल प्रशिक्षण केंद्रों (एसटीसी) को सख्त निर्देश दिये गए हैं कि खिलाड़ियों की चिंताओं का निवारण पूरी सुरक्षा के बीच किया जाये और उन्हें आश्वासन दिया जाये कि मनोवैज्ञानिक मदद मांगना शक्ति का सूचक है , कमजोरी का नहीं ।

उन्होंने कहा ,‘‘ यह अनिवार्य नीति हमारा ध्यान साधारण प्रतिभा प्रबंधन से हटाकर खिलाड़ियों पर केंद्रित व्यापक विकास की ओर ले जाती है। इससे एनसीओई और एसटीसी में हमारे खिलाड़ी सुरक्षित रहेंगे ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ हमारे युवाओं पर काफी दबाव है , चयन की आशंकाओं से लेकर चोट के डर और घर की याद आने तक । अगर इन पर ध्यान नहीं दिया गया तो थकान के मसले आते हैं । यह फ्रेमवर्क किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के थकान के कारण मैदान छोड़ने से पहले ही व्यवस्थित ढंग से काम करता है ।’’

मांडविया ने कहा ,‘‘ हर खिलाड़ी, जमीनी स्तर से लेकर एलीट श्रेणी तक, औपचारिक या अनौपचारिक रूप से अपनी मानसिक चिंताओं से अवगत करा सकता है । हर क्षेत्रीय केंद्र पर काउंसिलर होंगे । हमें समस्या का इंतजार नहीं करना है ।खिलाड़ी की मनोवैज्ञानिक स्क्रीनिंग पहले दिन से ही शुरू कर देनी है ।’’

खेलमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) वित्तपोषण के लिए खेल को भी स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ प्राथमिकता वाले सेक्टर में शामिल किया जाएगा।

इससे पहले खेल कंपनी अधिनियम 2013 की अनुसूची सात के तहत सीएसआर गतिविधि थी।

भाषा मोना सुधीर

सुधीर