खेल मंत्रालय ने एनएसजी अधिनियम के नियमों को अधिसूचित किया, एसओएम के लिए पात्रता तय

खेल मंत्रालय ने एनएसजी अधिनियम के नियमों को अधिसूचित किया, एसओएम के लिए पात्रता तय

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  • Publish Date - January 12, 2026 / 06:16 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 06:16 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) खेल मंत्रालय ने सोमवार को राष्ट्रीय खेल प्रशासन (एनएसजी) अधिनियम से जुड़े नियमों को अधिसूचित किया। साथ ही राष्ट्रीय महासंघों में मेरिट वाले खिलाड़ियों (एसओएम) को शामिल करने के लिए कई स्तर वाले पात्रता नियमों को पेश किया गया और दोषी व्यक्तियों के चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने पर लगे प्रतिबंध को जारी रखा गया।

यह अधिनियम एक जनवरी को आंशिक रूप से लागू किया गया था और राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को अपने उप नियमों में बदलाव करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है ताकि वे नए कानून का अनुपालन कर सकें। उन्हें सुचारू बदलाव के लिए इस साल के आखिर तक किसी भी लंबित चुनाव प्रक्रिया को टालने की भी इजाजत दी गई है।

मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल महासंघों की आम सभा में कम से कम दो महिलाओं सहित चार एसओएम को शामिल करना अनिवार्य कर दिया है।

ओलंपिक खेलों में कम से कम एक स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को टियर एक में रखा गया है।

टियर दो में उन्हें शामिल किया गया है जिन्होंने ओलंपिक के दो या उससे अधिक सत्र में हिस्सा लिया है।

टियर तीन उन आवेदकों के लिए होगा जिन्होंने कम से कम एक ओलंपिक में हिस्सा लिया हो।

मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार या अर्जुन पुरस्कार जीतने वाले टियर चार में हैं जबकि टियर पांच उन आवेदकों के लिए है जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप या उसकी बराबरी की प्रतियोगिता में कम से कम एक पदक जीता हो या उसके बराबर का स्थान हासिल किया हो। उपलब्धियों के घटते क्रम में कुल 10 टियर हैं।

अधिनियम के लागू होने के बाद तीन सदस्यीय राष्ट्रीय खेल बोर्ड बनेगा जिससे एनएसएफ को सरकारी अनुदान के लिए मान्यता लेनी होगी। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति उम्मीदवारों का मूल्यांकन करेगी।

अदालत द्वारा किसी भी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्तियों पर राष्ट्रीय महासंघों की कार्यकारी समिति और खिलाड़ी आयोग के चुनाव लड़ने पर रोक जारी रहेगी।

नियमों में कहा गया, ‘‘कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय खेल संस्था की आम सभा या किसी भी समिति का सदस्य बनने के लिए अयोग्य होगा और कार्यकारी समिति या खिलाड़ी समिति के चुनाव लड़ने के लिए योग्य नहीं होगा, अगर उस व्यक्ति को (अ) लागू कानून के तहत दिवालिया घोषित किया गया है या (ब) भारत में सक्षम क्षेत्राधिकार की अदालत द्वारा किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है जिसके बाद कारावास की सजा हुई है।’’

एसओएम के तौर पर आवेदन करने वाले खिलाड़ियों की उम्र 25 साल से कम नहीं होनी चाहिए और वे सक्रिय खेल से संन्यास ले चुके हों।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘उन्होंने आवेदन की तारीख से कम से कम एक साल पहले तक किसी भी प्रतिस्पर्धी खेल प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया हो जिससे किसी जिले, राज्य या भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयन होता हो।’’

नियमों में यह प्रावधान है कि राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल की सूची में हर समय कम से कम 20 सदस्य होने चाहिए।

भाषा सुधीर मोना

मोना