(अदिति खन्ना)
लंदन, चार मार्च (भाषा) ब्रिटेन के पीटरबरो शहर स्थित 40 साल पुराने एक हिंदू मंदिर और सामुदायिक केंद्र को सबसे अधिक बोली लगाने वाले को उसका परिसर बेचे जाने के मामले में लंदन उच्च न्यायालय से राहत मिली है।
भारत हिंदू समाज मंदिर की स्थापना 1986 में शहर के न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स में हुई थी।
न्यायमूर्ति माइकल फोर्डहम ने पिछले सप्ताह न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स के निपटान से संबंधित किसी भी ‘‘अपरिवर्तनीय कदम’’ पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।
‘पीटरबरो टेलीग्राफ’ में प्रकाशित एक अदालती रिपोर्ट में न्यायाधीश फोर्डहम के हवाले से कहा गया है, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिवादी (पीटरबरो नगर परिषद) ने स्वयं ही इस स्थिति को उत्पन्न किया है।’’
उन्होंने कहा, “अदालत ने निर्देश लेने को कहा है। लेकिन मुझे कोई ठोस प्रतिक्रिया और व्यावहारिक स्थिति के बारे में कोई पारदर्शिता नहीं दिखी है।’’
यह अस्थायी राहत भारत हिंदू समाज धर्मार्थ संस्था द्वारा दायर न्यायिक समीक्षा याचिका के बाद मिली है, जिसने परिसर की बिक्री के खिलाफ अपनी कानूनी चुनौती के लिए धन जुटाने के वास्ते ऑनलाइन ‘गो फंड मी’ अपील शुरू की और अपने 86,000 पाउंड के लक्ष्य में से लगभग 36,000 पाउंड तेजी से जुटा लिए।
अदालती दस्तावेजों के माध्यम से समूह को पता चला कि परिषद द्वारा संपत्ति अधिग्रहण के लिए बोली लगाने वाली संस्था मस्जिद खदीजा और खदीजा मस्जिद का इस्लामिक सेंटर है।
भारत हिंदू समाज का कहना है, ‘‘इसका परिणाम यह होगा कि भविष्य में एक धार्मिक समूह एक परिसर का मालिक होगा, जबकि दूसरा धार्मिक समूह उसमें (किरायेदार) रहेगा।’’
इसने कहा, ‘‘हम अब परिषद द्वारा परिसर को बेचने की निर्णय प्रक्रिया को पूरी तरह से चुनौती देने के लिए कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं क्योंकि उक्त प्रक्रिया को हमारे कानूनी विशेषज्ञ अनुचित और गैरकानूनी मानते हैं।’’
भाषा सुभाष पवनेश
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