लंबी कूद में श्रीशंकर और सत्यनाथन, 110 मीटर बाधा दौड़ में शिर्से फाइनल में पहुंचे
लंबी कूद में श्रीशंकर और सत्यनाथन, 110 मीटर बाधा दौड़ में शिर्से फाइनल में पहुंचे
ग्लास्गो, 27 जुलाई (भाषा) भारत के मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने के लिए केवल एक ही प्रयास किया तो वहीं, राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक तेजस शिर्से राष्ट्रमंडल खेलों में सोमवार को पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए।
लंबी कूद के एक अन्य भारतीय खिलाड़ी लोकेश सत्यनाथन ने भी क्वालीफिकेशन दौर में शीर्ष 12 खिलाड़ियों में रहते हुए फाइनल के लिए अर्हता हासिल कर ली।
श्रीशंकर ने ग्रुप ए में अपने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर की दूरी तय करके सीधे फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर है।
फाइनल के लिए क्वालीफाइंग स्तर आठ मीटर या सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कम से कम 12 खिलाड़ी थे।
सत्ताइस साल के श्रीशंकर ग्रुप ए से सीधे क्वालीफाई करने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे। इस ग्रुप से पांच अन्य खिलाड़ियों ने शीर्ष 12 में जगह बनाकर फाइनल में प्रवेश किया।
वर्ष 2022 में खेलों के पिछले सत्र में जीते रजत पदक को बेहतर करने की उम्मीद के साथ उतरे श्रीशंकर ने कहा कि हालात मुश्किल थे।
श्रीशंकर ने पीटीआई से कहा, ‘‘क्वालीफिकेशन काफी अच्छा रहा, सभी के लिए हालात मुश्किल थे। ठंड थी और हवा चल रही थी और बीच-बीच में बारिश भी हो रही थी लेकिन मैंने पहले ही प्रयास में क्वालीफिकेशन स्तर हासिल कर लिया इसलिए फाइनल के लिए बहुत उत्साहित हूं।’’
अप्रैल 2024 में घुटने की चोट से उबरने के बाद वह वापसी की राह पर हैं। उनका ‘पटेला टेंडन’ फट गया था और यह चोट उनके करियर के लिए खतरा बन गई थी। उनकी सर्जरी भी हुई थी। इस चोट की वजह से वह पेरिस ओलंपिक से चूक गए थे।
उन्होंने पिछले महीने ही भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतर राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।
ग्रुप बी में चुनौती पेश कर रहे सत्यनाथन ने अपने पहले ही प्रयास में 7.77 मीटर की दूरी तय की। वह ग्रुप बी में रेगन कोरिन (7.84 मीटर) के बाद चौथे स्थान पर रहे।
जमैका के तेजाय गेल (8.10 मीटर) और उरोय रेयान (8.04 मीटर) ने ग्रुप बी से सीधे फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल 29 जुलाई को होगा।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक शिर्से हीट (शुरुआती दौर) में 13.76 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहकर राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बन गए।
इस 24 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने हीट एक में तीसरा स्थान हासिल किया, जिसमें इंग्लैंड के सैमुअल बेनेट ने 13.20 सेकंड के समय के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।
प्रत्येक हीट में पहले तीन और अगले दो सबसे तेज धावक प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचेंगे। फाइनल सोमवार को ही होगा।
शिर्से ने इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पिछले महीने लुधियाना में इंडियन एथलेटिक्स सीरीज़ नौ में किया था जहां उन्होंने 13.27 सेकंड का समय निकाला, जो वर्तमान में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है।
भारत के फर्राटा धावक गुरिंदरवीर सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए और 10.39 सेकंड के निराशाजनक समय के साथ हीट (शुरुआती दौर) में 28वें स्थान पर रहने के बाद पुरुषों की 100 मीटर दौड़ की स्पर्धा से बाहर हो गए।
लंबी कूद के खिलाड़ी एम श्रीशंकर ने हालांकि अपने पहले ही प्रयास में क्वालीफाइंग स्तर पार करके फाइनल में जगह बना ली।
श्रीशंकर ने ग्रुप ए में अपने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर के प्रयास से फाइनल में जगह बना ली। उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर है। फाइनल के लिए क्वालीफाइंग स्तर आठ मीटर या सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कम से कम 12 खिलाड़ी हैं।
गुरिंदरवीर से 100 मीटर दौड़ में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब भी नहीं पहुंच पाए और पहले दौर में ही बाहर हो गए।
गुरिंदरवीर ने हीट चार की पांचवीं लेन में अच्छी शुरुआत की। वह शुरू में जमैका के रोहन वॉटसन के साथ बने रहे, लेकिन जमैका के खिलाड़ी ने अंतिम 30-35 मीटर में तेजी दिखाई और 10.13 सेकंड के साथ पहला स्थान हासिल किया।
भारतीय खिलाड़ी ने अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल किया लेकिन वह कुल मिलाकर 28वें स्थान पर रहे और इस तरह से सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गए।
हैरानी की बात यह रही कि वह फिनिश लाइन के करीब पहुंचते-पहुंचते अपनी रफ्तार कम करते नजर आए और बाद में उन्होंने अंगूठा दिखाकर ऐसा इशारा किया, मानो उन्होंने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया हो। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उन्होंने दौड़ के अंतिम क्षणों में अपनी गति धीमी करने का फैसला क्यों किया।
वॉटसन कुल मिलाकर नौवें स्थान पर रहे और मंगलवार को होने वाले सेमीफाइनल में पहुंच गए। सात खिलाड़ी बाई मिलने के कारण पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच गए थे। हीट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 17 खिलाड़ियों ने उनके साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई।
पंजाब के 25 वर्षीय खिलाड़ी गुरिंदरवीर ने मई में रांची में फेडरेशन कप में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। वह 10.10 सेकंड से कम समय निकालने वाले पहले भारतीय हैं। लेकिन यहां वह इस प्रदर्शन को नहीं दोहरा पाए।
भाषा आनन्द
आनन्द

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