चोट के कारण बाहर होने से आंसू नहीं रोक पाए तेजस्विन, लेकिन कुशारे की मदद की

चोट के कारण बाहर होने से आंसू नहीं रोक पाए तेजस्विन, लेकिन कुशारे की मदद की

चोट के कारण बाहर होने से आंसू नहीं रोक पाए तेजस्विन, लेकिन कुशारे की मदद की
Modified Date: July 28, 2026 / 10:28 am IST
Published Date: July 28, 2026 10:28 am IST

(अपराजिता उपाध्याय)

ग्लास्गो, 28 जुलाई (भाषा) घुटने का दर्द फिर से उभरने के कारण राष्ट्रमंडल खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में अपने पहले प्रयास के बाद ही हटने वाले तेजस्विन शंकर बेहद भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक पाए।

इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने 2022 में बर्मिंघम में कांस्य पदक जीता था। वार्म-अप के दौरान उनके घुटने में तेज दर्द हुआ और अपने पहले प्रयास में सफल रहने के बावजूद वह आगे भाग नहीं ले पाए। वह हालांकि अपने साथी खिलाड़ी सर्वेश कुशारे की मदद के लिए आयोजन स्थल पर ही रुके रहे जिन्होंने रजत पदक जीता।

तेजस्विन ने बाद में पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरे घुटने में तेज दर्द हुआ। यह वार्म-अप के दौरान हुआ। यह कोई नई बात नहीं है। मेरे घुटनों में हमेशा से इस तरह की परेशानी रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि ऊंची कूद का कोई ऐसा खिलाड़ी हो जिसे यह समस्या न हो। इसीलिए इसे ‘जम्पर नी’ कहा जाता है। हर कोई इससे निपट लेता है।’’

तेजस्विन ने कहा कि इस दर्द के उभरने का समय गलत था जिससे वह दुखी हैं क्योंकि वह इस विश्वास के साथ ग्लास्गो पहुंचे थे कि वह राष्ट्रमंडल खेलों में एक और पदक जीत सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ये उन दिनों में से एक था जब यह दर्द उभर गया। मैं सच में बहुत दुखी हूं मुझे पदक जीतने का पूरा विश्वास था।’’

तेजस्विन को हालांकि बृहस्पतिवार से से शुरू होने वाली डेकाथलॉन प्रतियोगिता तक ठीक होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास अभी भी दो दिन हैं। मैं अगले दो दिनों में पूरी तरह फिट होने के लिए अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा। मैं कोई कसर नहीं छोडूंगा। मैं यहां छुट्टी मनाने नहीं आया हूं।’’

प्रतियोगिता से बाहर होने के बावजूद तेजस्विन आयोजन स्थल पर ही रुके रहे और अपने साथी खिलाड़ी कुशारे की मदद करने के लिए उन्होंने अपनी भूमिका बदल ली।

कुशारे ने खराब शुरुआत के बाद अपनी लय वापस पाने में मदद के लिए तेजस्विन की तकनीकी सलाह को श्रेय दिया।

कुशारे ने कहा, ‘‘मैं पहले प्रयास में ही ऊंचाई पार करना चाहता था, लेकिन 2.25 मीटर पर मेरी लय बिगड़ गई। इसके बाद तेजस्विन ने मुझे रन-अप में आगे बढ़ने के लिए कहा और इससे मदद मिली।’’

भाषा

पंत

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