नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) अपनी यॉर्कर गेंदों को कला का रूप देने वाले भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की शानदार क्रिकेट यात्रा अब ‘द बूम इफेक्ट’ किताब के पन्नों में दर्ज होने जा रही है।
इस किताब को खेल पत्रकार आयुष पुथरन और निकोलस ब्रूक्स ने लिखा है। ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ के ‘प्ले इम्प्रिंट’ से प्रकाशित होने वाली यह किताब अगले महीने बाजार में आएगी।
बत्तीस साल के इस खिलाड़ी का सफर भारतीय क्रिकेटरों की पारंपरिक राह से बिल्कुल अलग रहा है। उन्होंने किसी प्रतिष्ठित क्रिकेट अकादमी या भारत की अंडर-19 प्रणाली से होकर राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय नहीं किया। उनका छोटा रन-अप भी तेज गेंदबाज की पारंपरिक छवि से मेल नहीं खाता था।
प्रकाशक के मुताबिक ‘द बूम इफेक्ट’ अहमदाबाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे बड़े मंच तक बुमराह के असाधारण सफर को सामने लाती है। किताब में यह भी पड़ताल की गई है कि सबसे पहले किसने उनकी प्रतिभा को पहचाना, गुजरात क्रिकेट में उनका खेल कैसे निखरा और मुंबई इंडियंस के साथ किस तरह उनका विकास हुआ जिससे वह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ बने।
लेखकों ने कहा, ‘‘यह किताब उन सवालों के जवाब तलाशती है, जिन्होंने एक दशक से अधिक समय से क्रिकेट प्रशंसकों को आकर्षित किया है। बुमराह ‘स्पीड गन’ में दर्ज रफ्तार से अधिक तेज क्यों महसूस होते हैं? उनकी गेंदबाजी शैली को पढ़ना इतना मुश्किल क्यों है? उन्होंने गेंद पर इतना असाधारण नियंत्रण कैसे विकसित किया? और दबाव की स्थिति में वह इतने शांत कैसे रहते हैं?’’
किताब का तर्क है कि बुमराह की जिन विशेषताओं को कभी उनकी कमजोरी (असामान्य गेंदबाजी शैली, छोटा रन-अप) माना जाता था वही आगे चलकर उनकी सफलता की बुनियाद बन गईं।
लेखकों ने कहा, ‘‘ ‘द बूम इफेक्ट’ सिर्फ एक खेल सुपरस्टार की कहानी नहीं है, बल्कि यह प्रतिभा, व्यक्तित्व, जुझारूपन और उत्कृष्टता हासिल करने की प्रक्रिया की पड़ताल भी है।’’
भाषा आनन्द सुधीर
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