नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) बीसीसीआई की बृहस्पतिवार को मुंबई में होने वाली समीक्षा बैठक में न्यूजीलैंड के सभी प्रारूपों वाले महत्वपूर्ण दौरे से पहले प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों के प्रबंधन और अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप की व्यापक रणनीति पर मुख्य रूप से चर्चा की जाएगी।
बैठक में मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर शामिल होंगे।
उम्मीद है कि जून-जुलाई में इंग्लैंड दौरे के दौरान टीम के खराब प्रदर्शन पर भी विस्तार से चर्चा होगी। हालांकि, यह भी समझा जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया समेत अन्य अधिकारी भविष्य की ओर देखना चाहते हैं।
वहीं ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (सीओई) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड दौरा अक्टूबर-नवंबर में होगा।
भारतीय क्रिकेट की ताजा घटनाओं पर नजर रखने वालों के मुताबिक, अगरकर और गंभीर बेंगलुरु स्थित सीओई में ‘रिहैबिलिटेशन’ (चोट से उबरने की प्रक्रिया) कर रहे केंद्रीय अनुबंध वाले और योजना के केंद्र में शामिल खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर कुछ बेहद स्पष्ट सवाल पूछ सकते हैं।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई को बताया, ‘‘श्रीलंका टेस्ट से पहले चयन समिति के प्रमुख को अनौपचारिक रूप से बताया गया था कि जसप्रीत बुमराह अगर दो नहीं तो कम से कम एक टेस्ट खेलने के लिए फिट होंगे। बल्कि उन्होंने बुमराह की अनुपस्थिति को लेकर सीओई को अधिक स्पष्टता मांगते हुए ईमेल भी लिखा था। ’’
सूत्र ने कहा, ‘‘दूसरे टेस्ट में उनकी (बुमराह की) अनुपस्थिति महसूस हुई, जहां सपाट पिच पर मोहम्मद सिराज काफी खराब लय में नजर आए। यही स्थिति हार्दिक पंड्या की भी है जिन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के बाद से कोई मैच नहीं खेला है और अगले वनडे विश्व कप के लिहाज से उनका महत्वपूर्ण होना तय है।’’
हालांकि किसी भी खिलाड़ी की वापसी की निश्चित तारीख तय करना मुश्किल होता है क्योंकि हर खिलाड़ी का शरीर अलग होता है और चोटों की प्रकृति भी अलग-अलग होती है। लेकिन कई दफा सीओई की खेल विज्ञान टीम खिलाड़ियों की वापसी के लिए अनुमानित समयसीमा तक देने में असफल रही है।
अगरकर और गंभीर के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कुछ महत्वपूर्ण खिलाड़ी कब तक उपलब्ध हो सकते हैं क्योंकि बड़े दौरों और आईसीसी के महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के लिए रणनीतिक योजना इसी पर निर्भर करती है।
मिसाल के तौर पर हार्दिक पंड्या ने अपना ‘बेस’ बेंगलुरु में बना लिया है। उन्होंने वहां किराए पर घर लिया है और निकट भविष्य में वहीं ट्रेनिंग करने की योजना है।
हालांकि टीम प्रबंधन और चयन समिति इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि जब तक सीओई उन्हें 10 ओवर गेंदबाजी करने के लिए फिट घोषित नहीं करता, तब तक उन्हें 50 ओवर के क्रिकेट के लिए नहीं चुना जाएगा।
पंड्या एशियाई खेलों की टीम का हिस्सा नहीं हैं इसलिए वह अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने की दौड़ में कभी शामिल नहीं थे।
तेज गेंदबाज आकाश दीप भी कई महीनों से सीओई में हैं और उन्होंने कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है। टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ उनकी उपलब्धता को लेकर भी सवाल हैं।
नयी दिल्ली में 13 सितंबर से शुरू होने वाली अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए चुनी गई टीम पर नजर डालें तो चयन समिति ने फिटनेस के आधार पर चार चोटिल खिलाड़ियों जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, नीतिश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा को टीम में शामिल किया है।
चारों खिलाड़ी ‘रिटर्न टू प्ले’ प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। अब गेंद पूरी तरह लक्ष्मण की अगुवाई वाले सीओई के पाले में है।
सीओई के सामने अब चुनौती इन चोटिल खिलाड़ियों को मैदान पर वापस लाने की है। इसके लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि वे मैच ‘सिमुलेशन’ (मैच जैसी परिस्थितियों) से गुजरने के लिए पर्याप्त रूप से फिट हों। खिलाड़ी को फिट घोषित करने से पहले यह सीओई की अंतिम प्रक्रिया होती है।
ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जब फिटनेस टेस्ट देने और ‘रिटर्न टू प्ले’ प्रोटोकॉल का पालन करने के बावजूद खिलाड़ियों का वजन अधिक भी पाया गया। ऐसे दो खिलाड़ी (एक टी20 विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज और एक युवा तेज गेंदबाज) इंग्लैंड दौरे पर टीम के साथ जुड़ने के समय निर्धारित सीमा से अधिक वजन के थे।
अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए तीन दिग्गज खिलाड़ियों रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा के भविष्य पर भी चर्चा होगी।
फिलहाल कोहली और जडेजा पर ज्यादा दबाव नहीं है लेकिन रोहित को लेकर स्थिति अलग है और वह लगातार चर्चा के केंद्र में हैं।
ऐसी अटकलें लगाई जाती रही हैं कि चयन समिति के एक सदस्य (अध्यक्ष नहीं) ने रोहित को बताया था कि पैनल अब उनसे आगे बढ़ने का फैसला कर चुका है। हाल के इंग्लैंड दौरे में लॉर्ड्स वनडे के बाद रोहित से पूछा गया था कि क्या वह अपने करियर को विराम देने वाले हैं।
पूर्व कप्तान और उनके करीबी लोगों ने इस मामले पर चुप्पी साधे रखी। हालांकि ऐसी चर्चा थी कि रोहित नाराज होने के बावजूद इसके लिए तैयार हो गए थे।
लेकिन लॉर्ड्स में हार के बावजूद उनके शानदार शतक की वजह से कम से कम फिलहाल उनके संन्यास लेने की संभावना को खारिज कर दिया गया है।
इसके बावजूद यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि रोहित अगले साल दक्षिण अफ्रीका जाने वाली उड़ान में सवार होंगे।
वहीं अगरकर का मौजूदा अनुबंध चार अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। लेकिन चूंकि उन्हें समीक्षा बैठक के लिए बुलाया जा रहा है इसलिए ऐसा लगता है कि बीसीसीआई वनडे विश्व कप के अंत तक निरंतरता बनाए रखना चाहता है।
विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने की कोशिश के साथ-साथ बीसीसीआई यह भी चाहेगा कि गंभीर-अगरकर-लक्ष्मण की टीम एक ही रणनीति और सोच पर बनी रहे।
भाषा
नमिता सुधीर
सुधीर