बेंगलुरु, दो सितंबर (भाषा) कप्तान तिलक वर्मा के नाबाद अर्धशतक से दक्षिण क्षेत्र ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के चौथे और अंतिम दिन बुधवार को यहां उत्तर क्षेत्र पर सात विकेट की जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई।
उत्तर क्षेत्र के 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण क्षेत्र ने तिलक (नाबाद 51) और रविचंद्रन स्मरण (नाबाद 32) ने बीच चौथे विकेट के लिए 80 रन की अटूट साझेदारी से जीत हासिल की।
दक्षिण क्षेत्र ने दूसरे सत्र के आखिर में तीन विकेट पर 182 रन बनाकर जीत दर्ज की। अब छह सितंबर से चेन्नई में होने वाले खिताबी मुकाबले में उसका सामना पूर्व क्षेत्र से होगा।
पहली पारी में नाबाद 116 रन बनाकर दक्षिण क्षेत्र को 117 रन की महत्वपूर्ण बढ़त दिलाने वाले तिलक उस समय क्रीज पर आए जब उनकी टीम 102 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी।
भारत की अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए उपकप्तान बनाए गए बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक ने एक बार फिर शानदार संयम और तकनीक का परिचय देते हुए तेज गेंदबाज गुरनूर बरार और बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक की अगुआई वाले उत्तर क्षेत्र के गेंदबाजी आक्रमण का डटकर सामना किया।
बरार ने लगातार तेज और शरीर को निशाना बनाती गेंदों से तिलक की परीक्षा ली जबकि मुश्ताक ने पिच से मिल रहे असमान उछाल का फायदा उठाकर उनके फुटवर्क को चुनौती दी।
तिलक ने इन चुनौतियों का शानदार अंदाज में सामना किया और ऑफ साइड में कुछ बेहतरीन ड्राइव लगाए। लय हासिल करने के बाद उन्होंने मुश्ताक के खिलाफ रिवर्स स्वीप और पैडल स्वीप खेलकर दक्षिण क्षेत्र को लक्ष्य के और करीब पहुंचाया।
दूसरे छोर पर स्मरण ने उनका बखूबी साथ निभाया। उन्होंने तेजी से स्ट्राइक रोटेट की और मौका मिलने पर खुलकर शॉट लगाए। निशांत सिंधू की गेंद पर बाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज का करारा ऑफ ड्राइव दर्शनीय था।
तिलक और स्मरण की आत्मविश्वास से भरी पारियों की बदौलत दक्षिण क्षेत्र ने नारायण जगदीशन (43), रिकी भुई (42) और शैक रशीद के जल्दी आउट होने के बावजूद लक्ष्य हासिल कर लिया। जगदीशन और भुई ने पहले विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी की थी।
मैच के चारों दिन बल्लेबाजी करने वाले तिलक ने आखिरकार कामचलाऊ लेग स्पिनर कमरान इकबाल की गेंद को कवर के ऊपर से चौके के लिए भेजकर दक्षिण क्षेत्र की जीत पर मुहर लगाई।
इससे पहले उत्तर क्षेत्र ने दिन की शुरुआत दूसरी पारी में सात विकेट पर 256 रन से की थी। इस समय उसे 139 रन की बढ़त हासिल थी। अंशुल कंबोज ने 29 गेंद में 36 रन की आक्रामक पारी खेलकर टीम की बढ़त को 180 रन के पार पहुंचाने में मदद की।
पिच के टूटने और गेंद के असमान उछाल के कारण दक्षिण क्षेत्र के लिए लक्ष्य का पीछा करना मुश्किल नजर आ रहा था लेकिन उत्तर क्षेत्र के लचर क्षेत्ररक्षण ने भी दक्षिण को मुश्किल स्थिति से निकलने में बड़ी मदद की।
अंत में तिलक और स्मरण ने जिम्मेदारी संभाली और दक्षिण क्षेत्र को जीत दिलाकर फाइनल में पहुंचाया।
भाषा सुधीर पंत
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