मई में फेड कप एथलेटिक्स प्रतियोगिता राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आखिरी चयन स्पर्धा होगी

मई में फेड कप एथलेटिक्स प्रतियोगिता राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आखिरी चयन स्पर्धा होगी

मई में फेड कप एथलेटिक्स प्रतियोगिता राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आखिरी चयन स्पर्धा होगी
Modified Date: February 2, 2026 / 05:22 pm IST
Published Date: February 2, 2026 5:22 pm IST

तिरुवनंतपुरम, दो फरवरी (भाषा) रांची में 22 से 25 मई तक होने वाली सीनियर राष्ट्रीय फेडरेशन प्रतियोगिता 23 जुलाई से शुरू होने वाले ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के लिए देश के ट्रैक एवं फील्ड एथलीटों के चयन की आखिरी प्रतियोगिता होगी।

  भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने सोमवार को यहां 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए ट्रैक एवं फील्ड की क्वालीफिकेशन मानकों की घोषणा करते हुए कहा कि ग्लासगो में होने वाले सीमित स्तर के खेलों में कम संख्या में एथलीट हिस्सा लेंगे।

एएफआई की वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजू बॉबी जॉर्ज ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ राष्ट्रमंडल खेलों आयोजन समिति के प्रोटोकॉल के अनुसार एथलेटिक्स टीम की संख्या 32 से अधिक नहीं हो सकती। इसमें 16 महिला एथलीट शामिल होंगी।’’

उन्होंने कहा कि ग्लासगो सत्र में ट्रैक एवं फील्ड की सीमित स्पर्धाएं होंगी, इसलिए एएफआई मई में अपनी-अपनी स्पर्धाओं में क्वालीफिकेशन मानक हासिल करने वाले एथलीटों में से ही टीम का चयन करेगा।

पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के राष्ट्रीय रिकार्डधारी तेजस शिर्से और महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ की धाविका ज्योति याराजी जैसे भारत के शीर्ष खिलाड़ियों को हालांकि क्वालीफिकेशन मानकों को हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ का क्वालीफिकेशन मानक 13.39 सेकंड रखा गया है, जबकि शिर्से का राष्ट्रीय रिकॉर्ड 13.41 सेकंड है। इसी तरह महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ का मानक 12.67 सेकंड है, जबकि याराजी का राष्ट्रीय रिकॉर्ड 12.78 सेकंड है।

पिछले साल ‘एसीएल’ सर्जरी के बाद ट्रेनिंग शुरू करने वाली याराजी ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन हीट चरण से आगे नहीं बढ़ सकी थीं।

अनिमेष कुजूर को भी ग्लासगो टीम में जगह बनाने के लिए अपने 100 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड 10.18 सेकंड से बेहतर प्रदर्शन करना होगा, क्योंकि क्वालीफिकेशन समय 10.16 सेकंड तय किया गया है।

दिलचस्प बात यह है कि एएफआई ने पुरुषों की चार गुणा 400 मीटर रिले के लिए कोई क्वालीफिकेशन मानक घोषित नहीं किया है, जबकि भारत ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में इस स्पर्धा में हिस्सा लिया था।

इसके बजाय चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले के लिए 3:16.00 सेकंड का क्वालीफिकेशन मानक तय किया गया है।

राष्ट्रीय एथलेटिक्स के मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर ने उम्मीद जताई कि स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा 2026 में राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों दोनों में हिस्सा लेंगे। चोट के कारण चोपड़ा 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं खेल पाए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ नीरज इस समय दक्षिण अफ्रीका के पोटचेफ्सट्रूम में जयवीर (जयवीर सिंह चौधरी) के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह 2026 राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों दोनों में भाग लेंगे।”

चौधरी नीरज के शुरुआती वर्षों के कोच रहे हैं और दोनों फिलहाल पांच फरवरी तक 32 दिन के प्रशिक्षण शिविर के लिए दक्षिण अफ्रीका में हैं। 

भारत ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में 37 एथलीट भेजे थे और आठ पदक जीते थे, जिनमें एलडोज पॉल का पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक शामिल था। 3000 मीटर स्टीपलचेज धावक अविनाश साबले ने रजत पदक जीता था।

रांची में होने वाली राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता 2026 एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफिकेशन प्रतियोगिता होगी।

सितंबर में होने वाले एशियाई खेल 2026 के व्यस्त कैलेंडर की सबसे बड़ी प्रतियोगिता होगी। अंजू ने कहा कि एएफआई मई में बोत्सवाना में होने वाले विश्व रिले में भी राष्ट्रीय टीम भेजेगा।

उन्होंने कहा, “विश्व रिले के चयन ट्रायल 28 मार्च को चंडीगढ़ में होने वाली तीसरी राष्ट्रीय ओपन रिले प्रतियोगिता के दौरान आयोजित किए जाएंगे।’’

एएफआई की वरिष्ठ उपाध्यक्ष के अनुसार 24 से 28 जून तक भुवनेश्वर में होने वाली राष्ट्रीय अंतरराज्यीय सीनियर चैंपियनशिप सितंबर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए आखिरी चयन प्रतियोगिता होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘इस साल हमारा मुख्य फोकस जापान में होने वाले एशियाई खेल होंगे।’’

 चीन के हांगझोउ में हुए 2022 एशियाई खेलों में भारत ने ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं में छह स्वर्ण सहित कुल 29 पदक जीते थे।

एएफआई ने राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता और राष्ट्रीय अंतरराज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं।

तिरुवनंतपुरम में हुई एएफआई की बैठक के दौरान 2026 के घरेलू कैलेंडर में भी संशोधन किया गया।

भाषा आनन्द मोना

मोना


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