पहले एथलीट्स फोरम में ट्रेनिंग और टूर्नामेंट के दौरान सुरक्षित माहौल सहित कई मुद्दों पर चर्चा

पहले एथलीट्स फोरम में ट्रेनिंग और टूर्नामेंट के दौरान सुरक्षित माहौल सहित कई मुद्दों पर चर्चा

पहले एथलीट्स फोरम में ट्रेनिंग और टूर्नामेंट के दौरान सुरक्षित माहौल सहित कई मुद्दों पर चर्चा
Modified Date: January 10, 2026 / 08:57 pm IST
Published Date: January 10, 2026 8:57 pm IST

अहमदाबाद, 10 जनवरी (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा शनिवार को यहां आयोजित पहले राष्ट्रीय एथलीट्स फोरम में खिलाड़ियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई जिसमें खेल से संन्यास के बाद करियर के विकल्प, ट्रेनिंग एवं प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षित माहौल (विशेष रूप से महिलाओं के लिए) सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल थे।

लगभग 25 राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) से दो-दो से मिलाकर करीब 50 एथलीट प्रतिनिधियों ने इन चर्चाओं में हिस्सा लिया। इनके साथ आईओए एथलीट्स आयोग के कुछ सदस्य भी मौजूद रहे जिनका नेतृत्व मशहूर मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने किया।

ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज और आईओए के उपाध्यक्ष गगन नारंग, आईओए एथलीट्स आयोग के उपाध्यक्ष और टेबल टेनिस के दिग्गज अचंता शरथ कमल तथा पूर्व गोला फेंक खिलाड़ी ओम प्रकाश करहाना भी इस कार्यवाही में शामिल थे।

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आईओए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रघुराम अय्यर और कार्यकारी समिति के कुछ सदस्य भी उपस्थित रहे।

मैरी कॉम ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि हम (आईओए एथलीट्स आयोग) भारत में पहली बार आयोजित एथलीट्स फोरम के साथ एक अच्छी शुरुआत कर पाए हैं। यह निश्चित रूप से खिलाड़ियों की मदद करेगा क्योंकि हम उनकी भलाई से जुड़ी चिंताओं और सुझावों को आईओए और राष्ट्रीय महासंघों के सामने रखेंगे। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम खेल के दौरान, खेल के बाद और कभी-कभी खेल के साथ-साथ खिलाड़ी के करियर पर भी चर्चा कर रहे हैं। ’’

करहाना ने बताया कि एनएसएफ के एथलीट प्रतिनिधियों को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई ताकि खिलाड़ियों की आवाज प्रशासकों तक पहुंच सके और खिलाड़ी-केंद्रित फैसले लिए जा सकें।

उन्होंने कहा, ‘‘आज का फोरम जानकारी साझा करने पर ज्यादा केंद्रित था। यह सिर्फ़ शुरुआत है। भारत एक खेल हब बनने जा रहा है इसलिए हमें वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करना होगा। मुझे उम्मीद है कि यह पहल नियमित रूप से आयोजित होगी। ’’

फोरम में तीन सत्र ‘करियर परिवर्तन को समझना’, ‘खेल की अखंडता की सुरक्षा’ और ‘मीडिया एवं सोशल मीडिया मास्टरक्लास’ आयोजित किए गए।

इनमें से एक पैनल चर्चा में भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और टेनिस की दिग्गज खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने भी हिस्सा लिया।

करहाना ने कहा, ‘‘आप संन्यास के बाद अलग करियर कैसे चुनेंगे? क्या आप कोचिंग, कमेंट्री या वित्त क्षेत्र में जा सकते हैं? इन सभी विषयों पर हमारी पैनल चर्चा हुई। ’’

उन्होंने ‘खेल की अखंडता की सुरक्षा’ सत्र के बारे में कहा, ‘‘दुरुपयोग और उत्पीड़न, चाहे वह शारीरिक, मानसिक या मनोवैज्ञानिक हो तो इन्हें कैसे रोका जाए? इसके लिए कौन-सी नीतियां और ढांचे बनाए जाने चाहिए? इस पर चर्चा हुई। ’’

‘मीडिया और सोशल मीडिया मास्टरक्लास’ पर कई लोगों का मानना था कि खिलाड़ियों को सोशल मीडिया में पूरी तरह नहीं डूब जाना चाहिए।

करहाना ने कहा, ‘‘आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया का बहुत बड़ा प्रभाव है। इसका बेहतर उपयोग कैसे किया जाए और कितना किया जाए? ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम इसमें शत प्रतिशत उलझ जाएं और अपने करियर के उद्देश्य को ही भूल जाएं। ’’

आईओए ने पहले कहा था कि इस फोरम का उद्देश्य देश में खिलाड़ी-नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था और जवाबदेही को मजबूत करना है। यह वर्तमान और पूर्व खिलाड़ियों, एथलीट प्रतिनिधियों और प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाकर सीधे और समाधान-केंद्रित संवाद का मंच प्रदान करेगा।

भाषा नमिता पंत

पंत


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